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वूडेन डेकोरेशन

बारीकी से की जाने वाली लकड़ी की नक्काशी को देखते ही खूबसूरती और कलाकारी की बेमिसाल तस्वीर उभरकर आती है। वुड कार्विंग को अमूमन पारम्परिक साज-सज्जा के संदर्भ में देखा जाता है, मगर आज के दौर में इसे कंटेम्पररी और काफी ट्रेंडी माना जा सकता है।
थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों और अपने यहां केरल में नक्काशीदार टीक वुड के मकान आम चलन में रहे हैं। हालांकि पूरा मकान ही वुड कार्विंग से सजाना काफी महंगा पड़ता है। इस लग्जरी को बनाने और मेंटेन करने में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। ऐसे में होम मेकर्स विकल्प के तौर पर पूरे घर की बजाय घर के कुछ खास हिस्सों को ही वुड कार्विंग से सजाते हैं। फिर चाहे, ये हिस्से घर के इंटीरियर में शामिल हों या फिर एक्सटीरियर में, वुड कार्विंग से सजे इन हिस्सों की खूबसूरती देखते ही बनती है। एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि वुड कार्विंग में फिनिशिंग सबसे महत्वपूर्ण होती है। आर्टिस्टिक टेस्ट वाले लोग अक्सर इसी तरह अपने घर को एथनिक और रॉयल लुक देते हैं।
मोल्डिंग
मोल्डिंग हर तरह के वुडन होम डेकोर का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ये मोल्डिंग कई तरह के होते हैं, जैसे : क्राउन मोल्डिंग, फ्रीज मोल्डिंग और पैनल मोल्डिंग। छत और दीवारों को जोड़ने वाली जगह पर क्राउन मोल्डिंग का प्रयोग किया जाता है। इसी तरह, फ्रीज मोल्डिंग से दीवार के तकरीबन तीन से चार फीट के हिस्से को कवर किया जा सकता है। यह दीवारों को निहायत खूबसूरत लुक देता है। इसी तरह, पेनल मोल्डिंग को दीवार के निचले हिस्से पर यूज किया जाता है। आप जिस भी तरीके से चाहें, लकड़ी को ढालकर इन्हें विभिन्न आकार दे सकते हैं। सजावट के लिहाज से वुडन वर्क को किसी माहिर क्राफ्ट्समैन से ही कराना बेहतर रहता है। तीन से चार फीट तक के लकड़ी के बेस पर फल, फूल और कई तरह के डिजाइंस बनाकर डेकोरेशन में चार-चांद लगाए जा सकते हैं। ऐसे स्टाइल घर में आने वाले मेहमानों को बरबस आकर्षित कर लेते हैं। डिजाइन में बदलाव करके इन्हें ट्रेडिशनल फार्म के साथ ही ट्रेंडी भी बनाया जा सकता है। लकड़ी की कलाकारी से तैयार ये मोल्डिंग घर के इंटीरियर में बहुत सी जगहों पर यूज किए जा सकते हैं, जैसे- कमरे में लगाए गए पिलर्स के ऊपर, दीवारों पर तीन से चार फीट नीचे तक, यही नहीं खिड़कियों के किनारों पर भी। खिड़कियों के ऊपर और नीचे दोनों जगह वुड मोल्डिंग और कार्विंग से इन्हें अट्रैक्टिव बनाया जा सकता है। आजकल वुडन इंटीरियर की बढ़ती मांग को देखते हुए सोलिड वुड की बजाय एमडीएफ का यूज ज्यादा होता है। यह आपके इंटीरियर पर होने वाले खर्च को भी काफी कम कर देता है। साथ ही इस मैटेरियल को पॉलिश के जरिए रीयल वुड का लुक दिया जा सकता है। घर के अंदर की सीढ़ियों पर लगी रेलिंग को भी वुड कार्विंग से रॉयल लुक दिया जा सकता है।
फर्नीचर
जहां तक फर्नीचर का सवाल है, तो नक्काशीदार वुडन फर्नीचर को आजकल काफी पसंद किया जा रहा है। इसे मार्केट में ऊंची कीमतों पर बेचा जाता है। टेबल, चेयर्स, बेड, साइड टेबल, डेस्क के किनारे, दरवाजों के किनारे और टेबल पर रखे जाने वाले शो पीसेज भी वुड कार्विंग के हों, तो घर की सजावट में वे चार-चांद लगा देते हैं। घर में झूले या आराम कुर्सी को भी इंटीरियर के लिए रखा जा सकता है। इनके लिए टीक और शीशम के पेड़ों की लकड़ी यूज की जाती है।
एक्सेसरीज
चंदन की लकड़ी की एक्सेसरीज को काफी पसंद किया जाता है। इनका कलेक्शन करके कई लोग घर को सजाते है। फोटो प्रेम, मुखौटों, ज्वेलरी बाक्सेज, टेबल लैम्प, डेस्कटॉप, चेस सेट आदि एक्सेसरीज में वुडन वर्क काफी पसंद किया जाता है। ज्यादातर वुड कार्विंग हैंडमेड होती है। इसमें अब कई बनावटी चीजें भी आने लगी हैं। अगर आप वुडन आइटम से घर सजाने की सोच रहे हैं, तो बेहतर है कि पहले आप इसकी क्वालिटी और नक्काशी की जांच कर लें। यही नहीं, यह भी जान लें कि वह दीमक रोधी लकड़ी का बना है या नहीं?

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