Send gifts to your near and dear ones

Home » Property Express » 2 July 2011 »

म्यूटेशन

कानूनी भाषा में म्यूटेशन का मतलब रिवेन्यू रिकाड्र्स में प्रॉपर्टी के टाइटिल के मालिक का नाम बदलने से है। अगर टाइटिल को किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर दर्ज कराना हो, तो इसके लिए इलाके के तहसीलदार या सक्षम पदाधिकारी को एक एप्लिकेशन देनी होगी। इसे एक सादे कागज पर लिखकर नॉन जुडीशियल स्टाम्प्स के साथ जमा कराना होगा।
सबसे पहले यह बताना जरूरी है कि प्रोपर्टी किस तरह की है और किस इलाके में है? फिर बताएं कि प्रोपर्टी का मालिकाना हक किस कानून के अंतर्गत बदला गया? दोनों पक्षों के नाम, पिता का नाम और पूरे पते भी दर्ज करने होंगे। प्रोपर्टी का हक किस तारीख को बदला गया। इनके अलावा, उन तमाम कागजात की एक कॉपी भी देनी होगी, जिनके आधार पर म्यूटेशन की रिक्वेस्ट की जा रही है। इन कागजों में सेल डीड या वसीयत आदि शामिल हैं। ट्रांसफर ड्यूटी के रूप में कुछ रकम भी चुकानी होगी। अगर कुछ हिस्से का म्यूटेशन कराना है; तो उतने की फीस चुकानी पड़ेगी, जबकि पूरी प्रोपर्टी बेचने पर पिछला बकाया और पूरे हिस्से पर लागू फीस देनी होगी।
म्यूनिसिपल रिकाड्र्स में म्यूटेशन इसलिए कराया जाता है, जिससे प्रोपर्टी टैक्स आदि को जमा करने में कोई परेशानी न हो। एप्लिकेशन देने के बाद सरकारी विभाग की तरफ से एक इश्तहार दिया जाता है, जिसमें पूछा जाता है कि इस नाम परिवर्तन को लेकर किसी को कोई आपत्ति तो नहीं है? इसके ल%E

jharkhandedu.com