नक्सलवाद राज्य के विकास में बड़ी बाधा
रांची, राज्यपाल डा. सैयद अहमद ने कहा कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद है। राज्यपाल गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य से उग्रवाद को मिटाने के लिए सुरक्षित उपायों के साथ-साथ आम लोगों में बदलाव भी आवश्यक है।
उन्होंने विकास के मुख्य रास्ते से भटके लोगों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और भाईचारे का रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि राज्य के विकास के लिए सरकार को अभी बहुत सारे काम करने होंगे। विकास और जनता के कल्याण की योजनाओं को तेजी से लागू करनी होगी, ताकि राज्य की गिनती विकसित राज्यों में हो सके। राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन आत्ममंथन का है, सभी यह शपथ लें कि अपने राज्य को कामयाबी की उस मंजिल तक ले जाएं। इसके लिए सभी को एकजुट होकर कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा, अपने रास्ते खुद बनाने होंगे और अपनी मंजिलें तय करनी होंगी।
राज्यपाल ने कहा कि सूबे में खनिज की दौलत मौजूद है, अगर सही योजना से अपनी विकास की राह पर तेजी से मिलजुल कर आगे बढ़ा जाए तो न सिर्फ सूबे की तरक्की होगी बल्कि देश की भी तरक्की होगी।
राज्यपाल ने कहा कि बेशुमार खनिज संपदा के बावजूद सूबे की लगभग 70 फिसदी आबादी कृषि कार्य से जुड़े हैं, लेकिन हम अपनी जरूरत का आधा ही अनाज उगा पाते हैं। अनाज की पैदावार बढ़े और किसानों की हालत में सुधार हो सरकार का ऐसा प्रयास होना चाहिए। हालांकि इस दिशा में सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के जरिये राज्य के 17 जिलों में दलहन की पैदावार में बढ़ोतरी के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास की कुंजी होती है, यह इंसान की बुनियादी जरूरत है। किसी भी देश को यदि ताकतवर होना होगा तो उसे अपनी युवा शक्ति को शिक्षित बनाने की शर्त को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत राज्य के 24 जिलों में तय किये गये लक्ष्य 19223 के मुकाबले 12315 गांवों को बिजली पहुंचा दी गयी है। बिटिया वर्ष और बचपन बचाओ योजना समाज की बच्चियों और छोटे बच्चों को बेहतर जिंदगी मिल सके इसके लिए एक कोशिश होगी। साथ ही राइट टू सर्विस एक्ट, मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना, किशोरी स्वास्थ्य स्वच्छता कार्यक्रम, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आदि राज्य को विकास की ओर अवश्य ले जायेंगे। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, इसका प्रमाण 34वें राष्ट्रीय खेल के दौरान हम देख चुके हैं। इससे पूर्व राज्यपाल ने मोरहाबादी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इसके बाद मिलीजुली परेड का निरीक्षण किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा रंगारंग झांकियां निकाली गयीं। झांकियों का भी राज्यपाल ने अवलोकन किया तथा झारखंड के पदक विजेताओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।


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