क्रिकेट के मैदान में आमने-सामने हुए जज और वकील
पटना, जजों और वकीलों को अदालत में दलीलें सुनते एवं बहस करते तो हमेशा देखा जा सकता है, लेकिन न्यायालय से बाहर क्रिकेट मैच में जोर आजमाइश करते जजों एवं वकीलों को बिहार की राजधानी के पटना कॉलेज में गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोगों ने पहली बार देखा। पटना व्यवहार न्यायालय स्थित जिला अधिवक्ता संघ के वकीलों की संस्था खुला मंच ने जजों एवं वकीलों के बीच दोस्ताना ट्वेंटी-20 मैच का आयोजन गुरुवार को किया था।
पटना कॉलेज के खेल मैदान में एक ओर न्यायिक पदाधिकारियों की टीम थी तो दूसरी ओर व्यवहार न्यायालय के वकीलों की टीम। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने चौकों और छक्कों की बरसात कर मैच को इतना रोमांचक बना दिया कि मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों के लिए यह किसी राज्य स्तर के क्रिकेट मैच से कम नहीं था। जजों की टीम जहां पटना के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वशिष्ठ नारायण सिंह की कप्तानी में खेल रही थी वहीं अधिवक्ताओं की टीम का नेतृत्व अरविन्द कुमार मउआर थे।
पटना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेश्वर नाथ मिश्रा अपने तमाम सहयोगियों के साथ जजों की टीम के प्रोत्साहन के लिये उपस्थित थे तो दूसरी ओर जिला अधिवक्ता संघ के वयोवृध्द सदस्य सिध्देश्वरी प्रसाद सिंह, अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रसाद यादव, महासचिव सर्वेश नारायण सिंह, पूर्व अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह, बार काउन्सिल कें सदस्य राजेश्वर प्रसाद सिन्हा और हजारों वकील अपनी टीम की हौसला अफजाई कर रहे थे। टॉस जीतकर जजों की टीम ने पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला लिया और वकील एकादश ने पहले बल्लेबाजी करते हुये बीस ओवर में चार विकेट खोकर 163 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जीत के लिए 164 रनों का लक्ष्य का पीछा करने उतरी जज एकादश की टीम ने कप्तान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वशिष्ठ नारायण सिंह और अवर न्यायाधीश के.पी. सिंह ने पारी की शुरुआत की। सलामी जोड़ी ने मैदान पर आते ही चौकों एवं छक्कों की बरसात कर दी। अन्य खिलाड़ियों का मौके पर देने के लिए दोनों रिटायर्ड हर्ट हो गये जिसके बाद कृष्ण गोपाल और प्रवीण कुमार सिंह बैटिंग करने आये और उन्होंने रनों की रफतार को बनाये रखा।
लगातार बादल छाये रहने की वजह से बल्लेबाजों द्वारा बैड लाइट की अपील हुयी और अंपायर एवं निर्णायक मंडल ने विचार-विमर्श के बाद मैच को टाई घोषित कर दिया। जजों एवं वकीलों का रोमांचक मैच बराबरी पर छूटा और दोनों टीमों को संयुक्त रूप से विजेता की ट्रॉफी दी गयी।
मैच के बाद अंपायरों, निर्णायक मंडल के सदस्यों एवं आयोजकों ने वकील एकादश के खिलाड़ी सोहन कुमार को मैन ऑफ द मैच, जज एलेवन के मो. सलीम को बेस्ट फील्डर और उसी टीम के के.पी. सिंह को बेस्ट बाउलर का खिताब दिया। वकीलों के वयोवृध्द सदस्य सिध्देश्वरी प्रसाद सिंह के हाथों विनर ट्रॉफी एवं इनामों का वितरण हुआ।
इस मौके पर जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने घोषणा की कि अब जजों एवं वकीलों के बीच प्रत्येक गणतंत्र दिवस पर क्रिकेट मैच तथा प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस पर फुटबॉल मैच का आयोजन किया जायेगा।


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