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आलू से भी किये जाते हैं उपचार

आलू केवल हमारे भोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि अपने औषधीय गुणों के कारण उपचार में भी काम आता है।
इसका आगमन ‘पेरू’ से भारत में हुआ। अब तो यह विश्वव्यापी बन चुका है।
आलू किसी भी सब्जी के साथ मिलाकर पका सकते हैं। सूप, चिप्स, पराठा या अन्य अनेक व्यंजनों में प्रयोग होने के साथ इलाज में कैसे काम आता है, इसे जानिये यहां।
* आलू में लवण तथा सभी विटामिन होते हैं। इसलिये काफी गुणकारी है।
* बच्चों, मजदूरों, युवाओं, मेहनतकशों को आलू खाकर आवश्यक शक्ति पाते रहना चाहिये।
* कम मेहनत करने वाले या वृध्द लोग इससे जरूर बचें ताकि उन्हें शुगर रोग न हो जाए।
* बहुत पतले लोग अपने शरीर को भरने के लिये आलू अवश्य खाएं। व्यक्तित्व में वृध्दि होगी।
* आलू तासीर में ठंडा एवं खुश्क होता है। अत: यह पेट के मल को बांध सकता है।
* आंखों की फुली, जाला हटाने के लिये कच्चे आलू को साफ पत्थर पर घिसकर आंखों पर लगाने से रोग नहीं रहता।
* पित्त प्रकृति वालों को आलू गरम होता है। इसलिए किसी खास उपाय द्वारा सेवन करें।
* पित्त प्रकृति वालों के लिये आलू को गरम राख में दबाएं। भूने हुए को छीलकर खिलाएं।
* कमर दर्द की शिकायत हो तो कच्चे आलू की पुल्टिस बांधें। आराम मिलेगा।
* दांतों, मसूड़ों को मजबूती देने के लिये भुना हुआ आलू प्रयोग करना चाहिये। फायदा होगा।
* अम्लता के रोगी आलू का सेवन जरूर किया करें। इसकी प्रकृति क्षारीय है, अत: अम्लता में कमी आएगी। रोग से छुटकारा मिलेगा।
* गठिया रोग को शांत करने के लिये भुना आलू छीलकर दें।

 

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