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Home » Health » 25 June 2012 »

मैं तुलसी तेरे आंगन की

तुलसी का हमारे जीवन में बड़ा महत्व है। यह तकरीबन हर घर में मिल जाती है। इसे घर के आंगन में स्थापित कर सारा परिवार सुबह-सवेरे इसकी पूजा-अर्चना करता है। यह मन और तन दोनों को स्वच्छ करती है।
इसके गुणों को जानकर ही इसे एक देवी का दर्जा दिया गया है। तुलसी अगर आगे आंगन में नहीं है तो आप इसके औषधीय गुणों को जानकर तुरंत इसको अपने घर ले आएंगे।
* तुलसी के पत्तों का हर रोज उपयोग करने से मुंह से आने वाली दुर्गंध का नाश होता है।
* तुलसी का रस घाव पर लगाने से वह शीघ्र भर जाता है।
* ब्लड-प्रेशर को सामान्य रखने के लिए तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए।
* तुलसी पाचन शक्ति को संतुलित रखती है।
* अगर बुखार कम होने का नाम न ले रहा हो तो तुलसी का रस ताजे पानी में मिलाकर हर दो-तीन घंटे में लें। बुखार कम हो जाएगा।
* तुलसी के पांच पत्ते और दो काली मिर्च मिलाकर खाने से वात रोग दूर हो जाता है।
* तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से सर्दी, जुकाम, सिर दर्द, खांसी में आराम मिलता है।
* कैंसर रोग में तुलसी के पत्ते चबाकर ऊपर से पानी पीने से काफी लाभ मिलता है।
* तुलसी तथा पान के पत्तों का रस बराबर मात्रा में मिलाकर देने से बच्चों के पेट फूलने का रोग समाप्त हो जाता है।
* तुलसी का तेल विटामिन सी, कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होता है।
* कान के दर्द में तुलसी के पत्तों को सरसों के तेल में भून लें और लहसुन का रस मिला दें। दर्द में आराम मिलेगा।
* तुलसी का तेल मक्खी- मच्छरों को भी दूर रखता है।
* बदलते मौसम में चाय बनाते हुए हमेशा तुलसी की कुछ पत्तियां डाल दें। वायरल से बचाव रहेगा।
* शहद में तुलसी की पत्तियों के रस को मिलाकर चाटने से चक्कर आना बंद हो जाता है।
* तुलसी के बीज का चूर्ण दही के साथ लेने से खूनी बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।
* तुसली की पत्तियों को अदरक के रस के साथ दो-दो घंटे बाद लेने से हर तरह का पेट दर्द ठीक हो जाता है।
* तुलसी के बीजों का चूर्ण दूध के साथ लेने से नपुंसकता दूर होती है और यौन-शक्ति में वृध्दि होती है।

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