धनबाद में एक लाख अभ्यर्थियों ने नहीं दी परीक्षा
धनबाद, रेलवे की केन्द्रीयकृत परीक्षा प्रणाली ने ग्रुप ‘डी’ नियुक्ति में अभ्यर्थियों की मंशा पर पानी फेर दिया। अभ्यर्थियों ने एक साथ रेलवे के लिए कई फार्म भरे थे। लेकिन अल्फावेट नेमिंग के कारण अभ्यर्थी सिर्फ एक केन्द्र पर ही परीक्षा दे सके। सिर्फ धनबाद में एक लाख अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। छह चरणों में आयोजित ग्रुप ‘डी’ परीक्षा के लिए 1,42,796 अभ्यर्थियों को कॉललेटर भेजा गया था, जिनमें से मात्र 43,344 अभ्यर्थी ही केन्द्रों तक पहुंचे। रेलवे ग्रुप ‘डी’ नियुक्ति के लिए पूरे देश में पहली बार एक साथ परीक्षा ली गयी। धनबाद में 6 मई के अलावा 13 व 3 मई और 10 जून को दोनों पालियों में परीक्षा हुई तथा 27 मई और 24 जून को एक पाली में परीक्षा ली गयी। किसी भी दिन 30 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए। अंतिम दिन रविवार को बुलाये गये 15,123 अभ्यर्थियों में मात्र 4,477 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। इंडियन रेलवे में पहली बार ग्रुप डी में नियुक्ति के लिए पहले लिखित परीक्षा ली गयी। इसके पूर्व ग्रुप ‘डी’ की नियुक्ति में पहले शारीरिक दक्षता की परीक्षा ली जाती थी। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जायेगा। रेल अधिकारियों ने बताया कि शीघ्र ही लिखित परीक्षा का परिणाम आयेगा। ग्रुप ‘डी’ परीक्षा को देखते हुए पूर्व- मध्य रेलवे ने सभी छह चरणों में धनबाद से पटना और गया तथा गया और पटना से धनबाद के लिए विशेष ट्रेन चलवाई। रविवार को भी धनबाद से पटना और गया के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गयी।


