झारखंड में सूखे की आशंका
हाल की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में सूखे के आसार हैं। रिपोर्ट सेटेलाइट सर्वे की है। इस रिपोर्ट में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और हरियाणा को भी सूखे से प्रभावित होने की बात कही गयी है। क्या राज्य सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र ही कोई कदम उठायेगी। मौसम विभाग ने पहले अच्छी वर्षा की उम्मीद जतायी थी। फिर कहा था कि वर्षा उम्मीद से थोड़ी कम होगी। लेकिन नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर ने चेता दिया है कि झारखंड के ज्यादातर हिस्सों में अब खरीफ फसल की बुआई की गुंजाइश नहीं रह गयी है। झारखंड में मौसम विभाग के अनुसार जून से लेकर अब तक 23 प्रतिशत वर्षा कम हुई है। राज्य में सितम्बर तक औसत 1200 मिलीमीटर वर्षा होती है और अभी तक 336.6 मिलीमीटर ही वर्षा हो पायी है। हालांकि यह उम्मीद जतायी जा रही है कि अगले एक सप्ताह के दौरान इसकी भरपाई हो सकती है। राज्य में गढ़वा, पलामू और लातेहार जिले अक्सर सूखे की मार झेलते हैं। इनके अलावा अन्य जिलों में अभी भी पूरी तरह धान की बुआई नहीं हो पायी है। कारण खेतों में उतना पानी नहीं जम पाया है। ऐेसे में अगर राज्य सरकार की ओर से शीघ्र कदम नहीं उठाये गये तो इन क्षेत्रों में भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। महंगाई पहले से ही आसमान छू रही है। पेट्रोल के दाम फिर बढ़ गये हैं। राहत के उपाय नहीं किये गये तो इसमें संदेह नहीं कि लोगों का निवाला और महंगा हो जाएगा। जिससे आपराधिक घटनाओं में वृध्दि हो सकती है, स्थिति और बिगड़ सकती है।


