बच्चों ने कहा- युवा बुजुर्गों का ख्याल रखें
रांची, द इंटरनेशनल पुस्तकालय एण्ड कल्चरल सेंटर, रांची के तत्वावधान में कल इंटर स्कूल वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय था बुजुर्ग माता-पिता की बच्चों के द्वारा सही देखरेख, खानपान तथा रहने की व्यवस्था करनी चाहिये या नहीं। इस अवसर पर छात्रों ने हर हाल में माता-पिता के लिये बुढ़ापे का सहारा बनने की बात की कही। उन्होंने कहा कि जिन माता-पिता की बदौलत हम पूरी दुनिया देखते हैं। वैसी स्थिति में अपनी इच्छा की पूर्ति के लिए माता-पिता को दुख देना कहां तक न्याय संगत है। बिशप स्कूल की छात्रा-अंकिता ने कहा कि भागमभाग की जीवन शैली में आज के युवा अपनी मंजिल पाने की चाह में माता-पिता को भूल जाते हैं जिन्हें ऐसा नहीं करना चाहिये। आक्सपोर्ड स्कूल की छात्रा सलोनी कुमारी ने कहा कि अभिभावक अपनी इच्छा को त्याग कर अपने बच्चे की हर इच्छा पूर्ति करते हैं। युवा होने पर वहीं बच्चे अपनी चाह पर बुजुर्ग माता-पिता को दुःख देते हैं। अभिभावकों को दु:ख देने से बढ़कर दूसरा पाप हो ही नहीं सकता। प्रतियोगिता में बेहतर टीम के लिये संत जेवियर्स स्कूल को बेस्ट टीम का पुरस्कार दिया गया। इस टीम में शिवानी, प्रियम कुमार तथा नेहफल रुडोल्फ शामिल थे। बेहतर वक्ता के लिए जेवियर्स की छात्रा शिवानी को प्रथम, आक्सफोर्ड की छात्रा सलोनी को द्वितीय तथा आक्सफोर्ड स्कूल के ही छात्र निश्चय को तृतीय पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में सफायर इंटरनेशल स्कूल, फिरायालाल पब्लिक स्कूल, कैम्ब्रिन पब्लिक स्कूल, संत जेवियर्स स्कूल, बिशप स्कूल, आक्सफोड पब्लिक स्कूल, गुरुनानक स्कूल, ब्रिजफोर्ड तथा सुरेन्द्रनाथ सेनेटरी स्कूल की छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं अभिभावकगण मौजूद थे।


