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चीनी खिलाड़ी के चोटिल होने से सायना को कांस्य

लंदन, भारत की सायना नेहवाल को लंदन ओलंपिक की बैडमिंटन प्रतियोगिता के महिला एकल में आज यहां चीन की जिन वांग के चोट के कारण मुकाबला छोड़ने के बाद कांस्य पदक मिल गया। सायना ओलंपिक में पदक हासिल करने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। सायना का इस पदक के साथ ओलंपिक में पदक जीतने का सपना भी पूरा हो गया। हालांकि यह जीत उन्हें चीनी खिलाड़ी के चोटिल हो जाने के कारण मिली लेकिन पदक आखिर पदक है। सायना का यह पदक लंदन ओलंपिक में भारत का तीसरा पदक है और इसके साथ ही भारत ने पिछले बीजिंग ओलंपिक में तीन पदक जीतने के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी कर ली। सायना से पहले राफइल निशानेबाज गगन नारंग ने दस मीटर एयर राइफल में कांस्य और पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पध्र्दा में रजत पदक जीता था। भारत ने इस तरह ओलंपिक में पहली बार दो दिन में दो पदक हासिल किये। भारत का ओलंपिक इतिहास में यह कुल 23वां पदक है। चीनी खिलाड़ी के मैच छोड़ने के बाद हालांकि सायना को कांस्य पदक मिल गया लेकिन भारतीय खिलाड़ी इससे बहुत खुश नजर नहीं आयी। वह मैच जीतकर यह पदक अपने नाम करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें चीनी खिलाड़ी का शुक्रिया अदा करना होगा जिसने पहला गेम 21-18 से जीता और दूसरे गेम में वह 1-0 से आगे थी मगर मांसपेशियों के खिंचाव ने उन्हें मैच छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। सायना सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं। हालांकि उन्हें सेमीफाइनल में शीर्ष वरीय चीन की यिहान वांग से हार का सामना करना पड़ा था और फिर कांस्य पदक के लिए उन्हें एक अन्य चीनी खिलाड़ी के सामने उतरना पड़ा। जिन वांग की हार के साथ चीन का महिला एकल में तीनों पदकों पर कब्जा करने का सपना टूट गया। इस स्पध्र्दा के स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला दोनों चीनी खिलाड़ियों के बीच होगा। कांस्य पदक के लिए सायना की शुरआत बहुत अच्छी नहीं रही। चीनी खिलाड़ी सायना को गलती करने के लिए मजबूर कर लगातार अंक बटोरती रही।

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