सुखाड़ से निबटने के लिए कदम उठाये प्रशासन : चंपई सोरेन
दुमका, आदिवासी कल्याण एवं परिवहन मंत्री और अध्यक्ष जिला योजना समिति चंपई सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2012-13 में बी.आर.जी.एफ. (पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष) के लिए 35 करोड़ की योजना को पारित किया गया, जिन योजनाओं का ग्राम पंचायत स्तर पर चयन कर पंचायत समिति एवं जिला परिषद से भी पारित किया चुका है। प्रत्येक पंचायत के लिए समानुपातिक रूप से क्रमानुसार योजनाओं का चयन किये जाने पर बैठक मे सहमति दी गयी। बैठक मे सबसे पहले बी.आर.जी.एफ. की योजना पारित करने के पूर्व इस वर्ष 10 जनवरी को संपन्न हुई बैठक के कार्रवाई की सम्पुष्टि की गई। इसके आलावे समेकित जनजातीय विकास अभिकरण, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, पेय जल एवं स्वच्छता विभाग, विद्युत विभाग के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। विद्युत विभाग के समीक्षा के क्रम में विधायक प्रदीप यादव द्वारा पूछे गये प्रश्न के जवाब में विद्युत आपूर्ति प्रमंडल द्वारा बताया गया कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतिकरण योजना के अन्तर्गत एन.टी.पी.सी. द्वारा 2065 गांवों को उर्जान्वित किया गया है, जिसमें से विद्युत प्रमंडल द्वारा 1377 का अधिग्रहण किया गया है, साथ ही 214 ट्रांसफार्मरो के जलने की भी जानकारी दी गयी। ट्रांसफार्मर जलने के बाद भी कई गांवों में लोगों को विद्युत विपत्र प्राप्त होने की शिकायत पर लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कहा गया। बैठक मे प्रदीप यादव द्वारा बताया गया कि सरैयाहाट प्रखण्ड में क्षेत्र भ्रमण के दौरान बानरा, आमघट्टा, धनई, कुसबेदिया, चंपातरी, विसनपुर संताली, भालसूमर, सीतापहाड़ी, तीरघाना, बरमनियां, मोसापर इत्यादि गांवों में भी ट्रांसफर्मर को जले हुए पाया है। इससे विभाग को अवगत कराने हेतु आदेश दिया गया। प्रदीप यादव ने वन विभाग द्वारा लक्खीकुण्डी में बनाये जा रहे सिदो कान्हू पार्क के स्थल चयन एवं कार्य पर असंतोष जाहिर किया।सिदो-कान्हू पार्क का निर्माण कार्य 2006-07 मे प्रारम्भ किया गया। जिसमे दो फेज के कार्य के पश्चात 2 करोड़ 33लाख 40 हजार रुपये खर्च किये जाने के बाद कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। बैठक में वन विभाग द्वारा बताया गया कि तकनीकि विषेशज्ञों की राय को लेकर काम रुका हुआ है। आधा काम होने के पश्चात विषेशज्ञाें से राय लिये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, योजना के चयन के लिए सरकार को रिर्पोट भेजने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग के समीक्षा के क्रम में मलेरिया एवं कालाजार के रोकथाम के लिए कुल 91592 मच्छरदानी वितरित किये जाने व 1लाख 35 हजार रक्त सेम्पुल लिए जाने की जानकारी दी गयी। जिसपर शिकारीपाड़ा के विधायक नलीन सोरेन ने कहा कि जहां मलेरिया का प्रकोप ज्यादा है वहां उचित मात्रा में डी.डी.टी. का छिड़काव किया जाय एवं लोगों को मच्छरदानी लगाने के लिए जागरूक करने की भी ंआवश्यकता है। वही बताया गया कि डायरिया का प्रकोप सरैयाहाट के दिग्धी पंचायत में होने की सूचना प्राप्त होने पर शीघ्र ही मेडिकल टीम भेज कर नियंत्रित कर लिया गया। समेकित जनजाति विकास अभिकरण के अन्तर्गत 100 बिरसा आवास का कार्य चल रहा है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त हर्ष मंगला ने आदेश दिया कि गांवों में मुखिया को उपलब्ध कराये गये 2 लाख की राशि के विरूध्द कराये गये कार्यों की भी सूची बनायी जाय।
बैठक में जिला में सुखाड़ की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिसमे जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया कि दुमका जिले में औसतन 35 प्रतिशत ही रोपनी हुई है। जिसके तहत दुमका प्रखण्ड में 47 प्रतिशत, जामा, मसलिया एवं रामगढ़ में 23, जरमुण्डी में 31, शिकारीपाड़ा में 33, रानेश्वर में 40, सरैयाहाट में 18, काठीकुण्ड में 36 एवं गोपीकान्दर में 26 प्रतिशत रोपनी हुआ है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि कम वर्षा वाले जगह के लिए मूंग एवं तोड़ी का बीज उपलब्ध कराया जायेगा। प्रदीप यादव द्वारा बताया गया कि यहां के लोग सुखा होने पर प्रायः सकरकंद, कुरथी एवं तिल लगाते है, इस पर विभाग द्वारा बताया गया कि कुरथी का बीज सुलभ नहीं हो पाया है। फसल बीमा के संबंध में पूछे जाने खुलासा हुआ कि बीमा करने वाली एचडीएफसी अबतक दुमका नही आयी जब कि जुलाई में ही अवधि समाप्त हो चुकी है। इस पर फसल बीमा की अवधि बढ़ा कर अगस्त तक करने का प्रस्ताव सरकार को भेजने को कहा गया। किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा के क्रम में अग्रणी बैंक प्रबंधक ने बताया कि बैंकों के लिए निर्धारित लक्ष्य 20000 के विरूध्द मात्र 1300 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है। इस स्थिति पर क्षोभ व्यक्त करते हुए शिविर लगाकर किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने का निर्णय लिया गया। सबसे अधिक के.सी.सी. वनांचल ग्रामीण बैंक द्वारा जारी किया गया है। बैठक मेें मंत्री चंपई सोरेन ने सूखे की स्थिति से निपटने, खाद एवं बीज वितरण, फसल बीमा एवं के.सी.सी. जारी करने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश दिया।
बैठक में सांसद निशिकांत दूबे के प्रतिनिधि सीताराम पाठक, जिला परिषद के अध्यक्ष पुलिसनाथ मराण्डी, नगर पर्षद अमीता रक्षित, जिला परिषद उपाध्यक्ष अषोक कुमार, जिला परिषद के सदस्य, उप विकास आयुक्त के के दास, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक शशिधर मंडल, परियोजना निदेशक समेकित जनजातीय विकास अभिकरण, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, दुमका, जिला खनन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, दुमका, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला कृशि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला मतस्य पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, कार्य. अभि. ग्रा. वि. वि. प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता एन.आर.ई.पी., कार्य. अभि. विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कार्य. अभियंता पथ प्रमंडल, कार्य. अभियंता भवन प्रमंडल, कार्य. अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य. अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल, कार्य. अभि. सिंचाई प्रमंडल, कार्यपालक पदाधिकारी नगरपालिका, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल 1, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल – 2, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, इत्यादि उपस्थित थे।


