सांसद, विधायक मद से स्वीकृत योजनाओं का बुरा हाल
कोडरमा, जिले में विधायक एवं सांसद मद के कार्यों की स्थिति अच्छी नहीं है। आमतौर पर जनहित से जुड़े आवश्यक कार्यो को कराने की अनुशंसा स्थानीय विधायक व सांसद अपने मद से करते हैं, लेकिन कार्यो की स्वीकृति से लेकर इसे पूरा होने में लंबा समय लगता रहा है। जिले में पूर्व के वर्षो के सांसद-विधायक मद की 365 योजनाएं अबतक लंबित हैं। इतना ही नहीं, कई पूर्व विधायकों द्वारा अनुशंसित योजनाएं भी अभी तक अधूरी हैं। इससे जिला प्रशासन व संबंधित कार्यकारी विभाग की निष्क्रियता का पता चलता है। योजनाओं की इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विकास कार्यो के नये प्रभारी पदाधिकारी डीटीओ शाहिद अख्तर ने संबंधित विभागों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। श्री अख्तर ने शनिवार को समीक्षा के दौरान पाया कि योजनाओं के विरुध्द दी गयी राशि खर्च के बावजूद कई विभागों से राशि की मांग तक नहीं की जा रही। उन्होंने कार्यो की गति में तेजी लाने के लिए विभागों को नियमित स्थल निरीक्षण कर योजनावार रिपोर्ट देने को कहा है। राशि खर्च के विरुध्द डीसी बिल जमा करने व अग्रिम राशि की मांग के लिए जरुरी प्रक्रिया पूरी करने को भी कहा। उन्होंने 31 अगस्त तक हरहाल में पुरानी योजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया है। बैठक में एनआरईपी, पीएचईडी, जिला परिषद, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के अभियंता शामिल थे।
अधूरी पड़ी हैं 365 योजनाएं
कोडरमा जिले में पूर्व के वर्षो के विधायक व सांसद मद की 365 योजनाएं लंबित पड़ी है। इसमें कोडरमा सांसद बाबूलाल मरांडी के मद की 144, राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के मद की 4, कोडरमा विधायक अन्नपूर्णा देवी द्वारा अनुशंसित 138, बरकट्ठा विधायक अमित यादव द्वारा अनुशंसित 48, बरही विधायक उमाशंकर अकेला द्वारा अनशषंसित 31 तथा पूर्व विधायक मनोज कुमार यादव के कार्यकाल की 5 योजनाएं विभिन्न विभागों में अधूरी पड़ी हैं।


