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डेयरी टेक्नोलॉजी में शानदार करियर

भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि आधारित इकोनॉमी होने की वजह से डेयरी इंडस्ट्री की भूमिका काफी अहम है। डेयरी इंडस्ट्री आज एक विशेष क्षेत्र का दर्जा पा चुकी है। इसमें डेयरी उत्पादों का निर्माण, उपार्जन, भंडारण, प्रसंस्करण व विपणन शामिल हैं। इस काम के लिए डेयरी वैज्ञानिकों को नियुक्त किया जाता है, जो निर्माण की प्रक्रिया के हर पक्ष पर नजर रखते हैं। डेयरी तकनीशियन प्रयोग करके आकलन करते हैं कि विभिन्न तरह के चारे और पर्यावरण से जुड़ी स्थितियां दूध की गुणवत्ता, पौष्टिकता व मात्रा पर क्या प्रभाव डालती हैं।
करीब एक दशक पहले तक लगभग 5 फीसदी मिल्क ही डेयरी फार्म से उत्पादित होता था, लेकिन अब यह बढकर करीब 15 फीसदी हो गया है। इस क्षेत्र में भारत के विकास का अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि अमेरिका के बाद भारत दूध उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। डेयरी टेक्नोलॉजी से जुडे प्रोफेशनल का काम दूध उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन आदि से जुडा होता है। आज जिस रफ्तार से दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत तरक्की कर रहा है, उससे ऐसे लोगों की डिमांड लगातार बढ रही है, जो डेयरी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ट्रेंड हैं।

कोर्स और योग्यता
पारंपरिक तौर पर डेयरी टेक्नोलॉजी वेटरेनरी व एनिमल हस्बेंड्री कोर्स का हिस्सा थी, लेकिन अब यह एक अलग शाखा है। इस तरह के कोर्स अब भी विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा कराए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में डिप्लोमा, स्ातक, स्ातकोत्तर व डॉक्टरेट स्तर के कोर्स चलाए जा रहे हैं। ज्यादातर संस्थानों में स्ातक स्तर के कोर्स में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय स्तर पर लिखित प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। वैसे डेयरी टेक्नोलॉजी से जुडे विभिन्न कोर्स में स्टूडेंट्स 12वीं साइंस के बाद एडमिशन ले सकते हैं। ग्रेजुएशन करने के बाद मास्टर डिग्री प्रोग्राम में एडमिशन लेने का रास्ता भी खुल जाता है। यहां स्टूडेंट्स डेयरी माइक्रो बायोलॉजी, डेयरी केमिस्ट्री, डेयरी टेक्नोलॉजी, डेयरी इंजीनियरिंग, एनिमल जेनेटिक्स एेंड ब्रीडिंग, बॉयोकेमिस्ट्री, डेयरी इकोनॉमिक्स, एनिमल बायोटेक्नोलॉजी और इससे जुडे अन्य क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं।
इस क्षेत्र में कुछ इंस्टीटयूट ऐसे भी हैं, जहां ट्रेनिंग प्रोग्राम उपलब्ध है। इसमें नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीटयूट, करनाल, एमसी कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस के अलावा कुछ अन्य यूनिवर्सिटी भी ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफर करती हैं। डेयरी साइंस टेक्नोलॉजी में चार वर्षीय बैचलर डिग्री के अलावा आप डेयरी साइंस इंस्टीटयूट मुंबई से डेयरी टेक्नोलॉजी/हस्बैंड्री में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। डेयरी टेक्नोलॉजी/वेटेरिनरी साइंस/एग्रीकल्चर आदि से ग्रेजुएट स्टूडेंट्स इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद और लखनऊ में एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं।

व्यक्तिगत योग्यता
डेयरी टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के इच्छुक लोगों की विज्ञान में रुचि आवश्यक है। इन्हें मेहनती, काम के प्रति समर्पित और जिज्ञासु होना चाहिए। इसके अलावा, सबसे अहम योग्यता यह है कि इन लोगों को दूरस्थ अंचलों में काम करने और शहर की सुख-सुविधाओं से दूर रहने का आदी होना चाहिए।

नौकरी के अवसर
डेयरी टेक्नोलॉजी एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है जो प्रशिक्षित पेशेवरों के लिए कार्य के कई विकल्प उपलब्ध कराता है। यहां सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार की गुंजाइश है। इन लोगों को डेयरी फार्म, कोऑपरेटिव सोसाइटियों, ग्रामीण बैंकों, मिल्क प्रोडक्ट्स प्रोसेसिंग व मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में कार्य के मौके मिलते हैं। गुणवत्ता नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले विभाग भी इन लोगों की नियुक्ति करते हैं। डेयरी तकनीक में दक्ष व्यक्ति चाहें, तो अपना मिल्क प्लांट, क्रीमरी, आइसक्रीम यूनिट भी शुरू कर सकते हैं।
हालांकि एक कंसल्टेंट को काम करने से पहले काफी अनुभव हासिल करना जरूरी है। इसके अलावा शिक्षण व रिसर्च में भी अवसर हैं। वैसे, भारत में लगभग 400 से अधिक डेयरी प्लांट्स हैं, जो विभिन्न तरह के डेयरी प्रोडक्ट्स का उत्पादन करते हैं। इस तरह के प्लांट को सफलतापूर्वक चलाने के लिए ट्रेंड प्रोफेशनल की मांग दिन-ब-दिन बढ रही है। डेयरी प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के रफ्तार पकड़ने से डेयरी इक्विपमेंट इंडस्ट्री का भी तेजी से विकास हो रहा है। इस समय तकरीबन 170 से अधिक डेयरी इक्विपमेंट कंपनियां देश में हैं।

सैलरी पैकेज
डेयरी प्लांट्स में डेयरी टेक्नोलॉजी स्ातकों का चयन अमूमन प्रशिक्षु व शिफ्ट अधिकारी के तौर होता है। प्रशिक्षु को दो हजार रुपए स्टायपेंड के रूप में मिलता है, जबकि पूर्णत: प्रशिक्षित अधिकारी को 8-10 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। जनरल मैनेजर्स को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मिल सकते हैं।

इंस्टीच्यूट वॉच
=>> यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस, कर्नाटक
=>> कॉलेज ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, नागपुर
=>> जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय,जबलपुर
=>> केरला एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी
=>> राजस्थान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी
=>> इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीटयूट डीम्ड यूनिवर्सिटी
=>> एनडीआरआई डीम्ड यूनिवर्सिटी, करनाल
=>> आचार्य एनजी रंगा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी

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