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Home » Education Express » 11 August 2012 »

कैसे बनें कंपनी सेक्रेटरी

इन दिनों स्टूडेंट्स ऐसे कोर्स को अधिक पसंद कर रहे हैं, जिसमें चुनौती के साथ-साथ आगे बढ़ने का बेहतरीन मौका होता है। ऐसा ही एक कोर्स है-सीएस यानी कंपनी सेक्रेटरी का। इस कोर्स को पूरा करने के बाद कॉरपोरेट वर्ल्ड में आगे बढ़ने का रास्ता खुल जाता है। दरअसल, किसी भी कंपनी की तरक्की के पीछे कंपनी सेक्रेटरी का काफी बड़ा योगदान होता है। वह बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, शेयर होल्डर्स, सरकार और दूसरी एजेंसियों के बीच कड़ी का काम करता है। इस कोर्स को करने का मतलब है, एक ऐसे फील्ड में कदम रखना, जिसमें न केवल प्रतिष्ठा, बल्कि जॉब सेटिस्फैक्शन भी भरपूर है।

सीएस कोर्स में एंट्री
सीएस कोर्स कराने वाली देश की एकमात्र संस्था है- द इंस्टीटयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया। यह संसदीय अधिनियम द्वारा स्थापित संवैधानिक निकाय है, जो भारत सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की देख-रेख में काम करती है। ऐसे स्टूडेंट, जो बारहवीं पास करने के बाद सीएस बनना चाहते हैं, उन्हें कंपनी सेक्रेटरी कोर्स पूरा करने के लिए तीन स्टेज से होकर गुजरना पड़ता है। पहला फाउंडेशन प्रोग्राम, दूसरा एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम व तीसरा प्रोफेशनल प्रोग्राम।

फाउंडेशन प्रोग्राम : फाउंडेशन प्रोग्राम करने वाले छात्रों को चार पेपर पास करने होते हैं। ये चारों पेपर निम्नलिखित विषयों के होते हैं- इंग्लिश एंड बिजनेस कम्युनिकेशन, इकोनॉमिक्स एंड स्टैटेस्टिक्स, फाइनेंशियल अकाउंटिंग और एलिमेंट्स ऑफ बिजनेस लॉ एंड मैनेजमेंट।

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम : एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में 6 पेपर होते हैं। इनके अंतर्गत जनरल एंड कॉमर्शियल लॉ, कंपनी अकाउंट्स, कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग, टैक्स लॉ, कंपनी लॉ, इकोनॉमिक एंड लेबर लॉ, सिक्योरिटी लॉ एंड कम्प्लॉएंस आदि विषयों को पढ़ाया जाता है।

प्रोफेशनल प्रोग्राम : प्रोफेशनल प्रोग्राम में आठ पेपर होते हैं। इनके अंतर्गत छात्रों को निम्नलिखित विषयों का अध्ययन करना पड़ता है- कंपनी सेके्रटरी प्रैक्टिस, ड्रॉफ्टिंग, अपीयरेंस एंड प्लीडिंग्स, फाइनेंशियल, ट्रेजरी एंड फॉरेक्स मैनेजमेंट, कॉरपोरेट री-स्ट्रक्चरिंग एंड इन्सॉल्वेंसी, स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट, एलायंस एंड इंटरनेशनल ट्रेड, एडवांस टैक्स लॉ एंड प्रैक्टिस, डयू डिलिजेंस एंड कॉरपोरेट कम्प्लाएंस मैनेजमेंट, गवर्नेंस, बिजनेस इथिक्स एंड सस्टेनेबिलिटी आदि।

कैसे होती है ट्रेनिंग
एग्जीक्यूटिव या प्रोफेशनल प्रोग्राम पास करने के बाद स्टूडेंट्स को पंद्रह महीने की मैनेजमेंट ट्रेनिंग भी दी जाती है। इसके अंतर्गत छात्रों को किसी कंपनी में या किसी कंपनी सेक्रेटरी फर्म में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेनी होती है। पंद्रह महीने की ट्रेनिंग के बाद स्टूडेंट्स को पंद्रह दिन की एक और ट्रेनिंग करनी होती है। यह ट्रेनिंग रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी, मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज, सेबी, कंपनी लॉ बोर्ड आदि में होती है। प्रोफेशनल प्रोग्राम पास करने और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले स्टूडेंट्स आईसीएसआई यानी द इंस्टीटयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के असोसिएट मेंबर बन जाते हैं। इसके बाद वे अपने नाम के बाद एसीएस (असोसिएट कंपनी सेक्रेटरी) लिखने के अधिकारी हो जाते हैं।

फाउंडेशन कोर्स के लिए योग्यता
इस प्रोग्राम की अवधि आठ महीने की होती है। इसमें फाइन आट्र्स को छोड़कर आट्र्स, साइंस या कॉमर्स किसी भी स्ट्रीम के बारहवीं पास छात्र एडमिशन ले सकते हैं। फाउंडेशन प्रोग्राम पास करने वाले छात्र रेगुलर कोर्स में रजिस्ट्रेशन की योग्यता प्राप्त कर लेते हैं, जिसमें एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल प्रोग्राम भी शामिल हैं।

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में एंट्री
जिन लोगों के पास निम्नलिखित योग्यताएं हैं, उन्हें फाउंडेशन प्रोग्राम करने की आवश्यकता नहीं है। वे कंपनी सेक्रेटरीशिप के लिए सीधे एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में प्रवेश ले सकते है :
=अगर उनके पास कॉरपोरेट सेके्रटरीशिप या कॉमर्स में डिग्री या मास्टर डिग्री हो।
=फाइन आट्र्स को छोड़कर किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट छात्र सीधे एग्जीक्यूटिव कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।
=जिन्होंने इंस्टीटयूट ऑफ कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की फाइनल परीक्षा पास कर ली हो।
=इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया या किसी भारतीय अकाउंटेंसी इंस्टीटयूट की परीक्षा पास की हो या किसी मान्यता प्राप्त विदेशी संस्थान से इसके समकक्ष परीक्षा पास की हो।

प्रवेश व परीक्षा
सीएस कोर्स में एडमिशन साल में कभी भी लिया जा सकता है। वैसे, फाउंडेशन प्रोग्राम में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि हर वर्ष 31 मार्च और 30 सितंबर है। 31 मार्च तक प्रवेश लेने वाले छात्र उसी साल दिसंबर में होने वाली परीक्षा में भाग ले सकते हैं, जबकि 30 सितंबर तक एडमिशन लेने वाले छात्रों को अगले साल जून महीने में आयोजित होने वाली परीक्षा में भाग लेना होता है। एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में प्रवेश की अंतिम तिथि 28 फरवरी और 31 अगस्त होती है। जो छात्र 28 फरवरी तक एडमिशन ले लेते हैं, वे उसी साल दिसंबर में होने वाली परीक्षा में बैठ सकते हैं, जबकि 31 अगस्त तक एडमिशन लेने वाले छात्र अगले साल जून महीने में होने वाली परीक्षा में शामिल होते हैं।

रोजगार के अवसर
इस समय भारत में लगभग 20 हजार सीएस हैं, जबकि वर्ष 2015 तक करीब 50 हजार सीएस की और जरूरत होगी। कंपनी सेक्रेटरी का कोर्स पूरा करने के बाद रोजगार के ढेरों विकल्प खुल जाते हैं। आपके पास नेशनल-मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब करने या स्वतंत्र प्रैक्टिस करने का मौका होता है। ऐसे लोग, जो सीएस करने के बाद नौकरी करना चाहते हैं, उनके लिए

निम्नलिखित क्षेत्रों में जॉब के अवसर उपलब्ध हैं :
=किसी ऐसे कंपनी सेक्रेटरी के यहां एक प्रोफेशनल के रूप में जॉब प्राप्त कर सकते हैं, जो स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस कर रहा हो।
=ऐसी कंपनी में सीएस के रूप में, जिसका पेडअप शेयर कैपिटल दो करोड़ या उससे ज्यादा हो।
=ऐसी कंपनियां, जो स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज होना चाहती हैं, उन्हें भी अपने यहां पूर्णकालिक सीएस रखना पड़ता है।
=सीएस कोर्स करने के बाद क्रेंद सरकार के अंतर्गत काम करने का मौका भी मिल सकता है।
=कुछ विश्वविद्यालय सीएस पास व्यक्तियों को पीएचडी में सीधा प्रवेश देते हैं। इस प्रकार आप पीएचडी करके कॉमर्स और मैनेजमेंट विषयों के लेक्चरर के रूप में भी काम कर सकते हैं। यदि आप सीएस कोर्स करने के बाद जॉब नहीं करना चाहते, तो स्वतंत्र प्रैक्टिस करते हुए भी आप अच्छी कमाई कर सकते हैं।

कौन-कौन से हैं पद
कंपनी सेक्रेटरी को कंपनी सेके्रटरी एंड एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कंपनी सेके्रटरी एंड वाइस प्रेसिडेंट या चीफ कंप्लॉयंस ऑफिसर, असिस्टेंट कंपनी सेक्रेटरी या लीगल ऑफिसर, कंपनी सेके्रटरी एंड फाइनेंस ऑफिसर आदि पदों पर काम करने का मौका होता है।

पैसा ही पैसा
भारत के लिए सीएस एक उभरता हुआ प्रोफेशन है। सीएस कोर्स करने वाला चाहे, तो किसी कॉरपोरेट कंपनी में सीएस के रूप में जॉब करे या फिर खुद की प्रैक्टिस। दोनों रूपों में खूब इनकम होती है। शुरुआत में 3 लाख से लेकर 5-6 लाख रुपये सालाना वेतन मिल जाता है, जबकि अनुभव बढ़ने के साथ वेतन 15-20 लाख रुपये वार्षिक हो सकता है। प्रैक्टिस करने वाले सीएस को ओपिनियन और हीयरिंग के हिसाब से पेमॅन्ट मिलता है। प्रत्येक हीयरिंग के लिए 20-25 हजार से लेकर 70-75 हजार रुपये मिल जाते हैं।

कहां से पाएं जानकारी
सीएस कोर्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीच लिखे पते पर संपर्क करें या लॉगऑन कर सकते हैं : आईसीएसआई हाउस, 22 इंस्टीटयूशनल एरिया, लोदी रोड, नई दिल्ली-110003
ई-लर्निग से करें सीएस
यदि आप देश के दूर-दराज इलाकों के छात्र हैं, तो ई-लर्निग के माध्यम से भी कंपनी सेक्रेटरी फाउंडेशन प्रोग्राम कर सकते हैं। वे चाहें, तो आगे भी ई-लर्निग के माध्यम से ही एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल प्रोग्राम कर सकते हैं। ई-लर्निग के अंतर्गत छात्र चौबीस घंटे में अपनी सुविधा के अनुसार, जब चाहें ऑनलाइन गाइडेंस की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। ई-लर्निग के अंतर्गत छात्रों के साथ इंटरैक्शन के लिए डिस्कशन बोर्ड और ऑनलाइन चैट की भी सुविधा दी गई है।

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