आटो चालकों का दूसरे दिन भी चक्का जाम
रांची, बिना परमिट और पुराने आटो की जांच के खिलाफ आटो चालकों का आज दूसरे दिन भी चक्का जाम आन्दोलन जारी रहा। झारखण्ड प्रदेश डीजल आटोचालक संघ के आह्वान पर आयोजित दो दिवसीय चक्का जाम के कारण दूसरे दिन भी राजधानी रांची में डीजल आटो का परिचालन पूरी तरह से ठप्प रहने के कारण लोग खासे परेशान रहे और यात्रियों की परेशानियों को दूर करने में सिटी बस पूरी तरह से सक्षम नजर नहीं आया। हालांकि सिटी बसों के परिचालन से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली। आटो चालकों के दो दिवसीय हड़ताल के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मी, स्कूल-कालेज जाने वाले बच्चे और बाजार में खरीददारी के लिए जाने वाली महिलाएं एवं पुरूष परेशान नजर आएं और इस दौरान रिक्शा चालकों की मनमानी चरम पर रही। रिक्शा चालकों ने यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए आज दोगुना किराया वसूलने की कोशिश की। संघ की ओर से दावा किया गया कि आज दूसरे दिन भी शहर में लगभग सात हजार डीजल और पेट्रोल आटो का परिचालन नहीं हो रहा है। बताया गया कि शहर में प्रतिदिन लगभग 7000 आटो चलते हैं, जिसमें 4500 डीजल आटो और 25 सौ पेट्रोल आटो का परिचालन होता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रति आटो औसतन 500 रुपये का व्यवसाय करते हैं और लगभग तीन लाख लोग सफर करते हैं। इस तरह चक्का जाम लगभग 70 लाख रुपए का व्यवसाय प्रभावित होने का अनुमान है।


