व्यायाम सदैव होता है लाभदायी
व्यायाम के अनेक प्रकार हैं। इनमें से किसी को भी स्थान एवं स्थिति के अनुकूल किया जा सकता है। इसे सुबह या शाम भोजन एवं सोने के 4 घंटा पूर्व करने से बेहतर लाभ मिलता है। यह भूख, पाचन तंत्र एवं पाचन को सही रखता है, मांसपेशियों एवं हडि्डयों को मजबूत बनाता है, गहरी नींद लाता है और दिमाग को तनाव मुक्त एवं तरोताजा रखता हैं यह रक्तप्रवाह सही रखता है। शरीर एवं जोड़ों को दुरूस्त रख कर दर्द या विपत्ति से बचाता है।
मौसम कोई भी हो, यह सदैव लाभदायी है। इसे दैनिक 5 से 20 मिनट तक सक्रिय रूप से किया जा सकता है। सप्ताह में 5 दिन भी निर्धारित समय पर ऐसा करने से भी वांछित लाभ मिलता है किंतु व्यायाम की अधिकता एवं तीव्रता से नुक्सान भी हो सकता है। किसी भी रोगी को डॉक्टर की सलाह एवं निर्देश के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए। बुखार, दस्त, डायरिया एवं पानी की कमी की स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


