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Home » Bihar » 10 September 2012 »

बिहार में ही मिल रहा है काम, पलायन घटा

पटना, बिहार में श्रम पर किये जा रहे एक सर्वे से यह संकेत मिला है कि राज्य से आजीविका के लिये श्रमिकों का पलायन घटा है। यह कमी पूर्व के 30 प्रतिशत अनुमान से कहीं अधिक है। इसका कारण राज्य में हो रहे विकास कार्य हैं। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार राज्य में खासकर सहरसा, मधुबनी, कटिहार तथा पूर्णिया जिलों से मजदूरों के पलायन में उल्लेखनीय कमी आयी है। पूर्व में ये क्षेत्र बड़े पैमाने पर पलायन के लिए जाने जाते थे।
बिहार के श्रम मंत्री जनार्दन सिंह सिगरीवाल ने कहा कि यह राज्य से श्रमिकों के पलायन में बड़े पैमाने पर गिरावट का संकेत देता है। पूर्व में किये गये सर्वे में यह बात सामने आयी थी कि राज्य से पलायन करने वाले मजदूरों की संख्या में 30 प्रतिशत तक की कमी आयी है। सिगरीवाल ने कहा कि सर्वे श्रम विभाग तथा एएन सिन्हा इंस्टिटयूट आफ सोशल स्टडीज तथा गैर सरकारी संगठनों ने किया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट दो महीने में पेश होने की उम्मीद है।
मंत्री ने कहा कि बिहार से पंजाब, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र तथा अन्य जगहों पर जाने वाले श्रमिकों की संख्या मंं कमी का प्रमुख कारण राज्य में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा क्षेत्र में हो रहा कार्य है। इसके कारण लोगों को यहीं रोजगार मिल जा रहा है, अत: उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही।
एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि स्कूल तथा कॉलेज के बुनियादी ढांचे में सुधार से कक्षाओं में उपस्थिति बढ़ी है और पढ़ाई के लिए छात्रों की राज्य से बाहर जाने की गति धीमी हुई है। बिहार से मजदूरों के पलायन कम होने से दूसरे जगहों में श्रमिकों की कमी महसूस की जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक लुधियाना में साइकिल उद्योग बिहार से आने वाले मजदूरों पर निर्भर है। इस समय वहां कर्मचारियों की 50 प्रतिशत तक कमी है।

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