कोयला घोटाला ने ईमानदार प्रधानमंत्री की पोल खोल दी : डा. गोस्वामी
रांची, भारतीय जनता पार्टी, रांची महानगर एवं ग्रामीण के तत्वावधान में आज मोरहाबादी मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हजारों कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। धरना की अध्यक्षता भाजपा, रांची महानगर अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने की। धरना में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि आजाद भारत में सबसे बड़ा घोटाला कोयला घोटाला ने कांग्रेस के ईमानदार प्रधानमंत्री की पोल खोल दी है। डा. गोस्वामी ने कहा कि वर्ष 2005 से 2009 तक कोयला मंत्रालय की जिम्मेवारी संभाल रहे डा. सिंह 1.86 लाख करोड़ घोटाले के प्रत्यक्ष जिम्मेवार प्रधानमंत्री हैं। सीएजी जो केन्द्र सरकार द्वारा बनायी गयी वह स्वतंत्र एजेंसी है, उसे ही गलत ठहराने का यूपीए-2 षड्यंत्र कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय अपने सहयोगियों एवं रिश्तेदारों को मदद पहुंचाते हुए कोल आवंटन हेतु एसकेएस कंपनी को अनुशंसा की थी।
भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय से इस्तीफे की मांग की। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा शर्मा ने कहा कि रांची के सांसद सुबोधकांत सहाय अपने सगे-संबंधियों को लाभ पहुंचाने के लिए कोयले की काली कमाई में अपना मुंह काला कर लिया है। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रविन्द्र राय ने कहा कि प्रधानमंत्री जो देश की ईमानदारी का प्रतिबिम्ब होता है, वह आज कोयले की कालिख से दागदार हो गयी है। धरने की अध्यक्षता करते हुए भाजपा रांची महानगर अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कहा कि रांची के सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने एसकेएस कंपनी को कोल आवंटन हेतु अनुशंसा कर काफी कमाई अर्जित की।
धरना में मुख्य रूप से मोहनलाल केशरी, प्रदेश महामंत्री अनंत ओझा, बीरेन्द्र प्रसाद, रामटहल चौधरी, अजय मारू, अशोक भगत, डा. सूर्यमणी सिंह, बालमुकुंद सहाय, गामा सिंह, प्रेम मित्तल, मो. काजीम, बब्लू भगत, शिवकुमार सिंह, कमाल खान, सोना खान आदि उपस्थित थे।


