गणित मानव जीवन का मूल आधार : ममता
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ममता ने कहा कि विज्ञान का जन्म गणित से हुआ है। इसके बिना मानव जीवन अधूरा है। उन्होंने कहा कि गणित के क्षेत्र में हमारा देश अग्रणी है। गणित को मानव जीवन का आधार बताते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कहा कि बच्चों का सुनहरा भविष्य शिक्षकों पर निर्भर है। उन्होंने गणितीय शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे वास्तविक जीवन में आत्मसात करने की बात कही। वह शुक्रवार को रातू के डायट परिसर में ‘हिन्दुस्तान में गणित की अतीत, वर्तमान एवं भविष्य’ विषय पर आयोजित दो दिनी राज्यस्तरीय विद्यार्थी विज्ञान सेमिनार के उद्धाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। सेमिनार का आयोजन माध्यमिक शिक्षा निदेशालय व बिड़ला औद्योगिक तथा प्रौद्योगिक संग्रहालय, कोलकाता की ओर से किया गया है। इसमें लातेहार व गिरिडीह को छोड़कर 22 जिले के 44 चयनित प्रतिभागी छात्र छात्राएं व गणित शिक्षक-शिक्षिका एवं अभिभावक हिस्सा ले रहे हैं। समारोह के दौरान प्रतिभागी बच्चों ने गणित की रोचक एवं ज्ञानवर्ध्दक प्रस्तुति से श्रोताओं का मनमोह लिया। वही, विद्यार्थियों ने अभियान गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिये लोगों का खूब मनोरंजन किया। सेमिनार में रांची विश्वविद्यालय के डा. अशोक कुमार चौधरी, प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. सतीश कुमार व प्रो. आशीष कुमार झा बतौर निर्णायक शामिल है। स्वागत भाषण क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (कोल्हान) नागेन्द्र ठाकुर ने दिया। वहीं, पुरुषोत्तम शर्मा ने विषय प्रवेश कराया। संचालन सरिता ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक आभा कुसुम तिर्की ने किया। सेमिनार के आयोजन में झारखंड शिक्षा के अनवर हुसैन, रातू के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी हकीमुद्दीन अंसारी व डायट के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह समेत सपन कुमार मल्लिक, बच्चा तिवारी, किशोर कुमार प्रसाद, नीतेश भगत, नवीन कुमार, विनय कुमार, जयश्री, कामिनी, आलोक प्रधान, शिप्रा, श्रीमंत कुमार, जयराम प्रसाद, संजय मिश्रा, जगदीश, राहुल व राजेश कुमार आदि प्रधानाध्यापक, परियोजना व निदेशालयकर्मी सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं।


