होम लोन ले रहे हैं? तो रखें ख्याल
होम लोन का सही विकल्प चुनना थोड़ा मुश्किल हो गया है, इसलिए काफी सावधानी बरतने का जरूरत है।
अवधि
आप अपनी जरूरत के अनुसार लोन की अवधि चुन सकते हैं। यह लॉन्ग टर्म या फिर शॉर्ट टर्म में से कोई भी हो सकती है। लॉन्ग टर्म लोन में आपको रकम वापसी के लिए सबसे ज्यादा समय दिया जाता है, लेकिन शर्त होती है कि तय समय से पहले लोन चुकाने पर पैनल्टी देनी पड़ेगी। अगर ब्याज दर ज्यादा हो, तो शॉर्ट टर्म लोन लेना सही रहता है। हालांकि तब ईएमआई की रकम बढ़ जाएगी। लंबे समय का लोन लेना सही रहेगा। यह फ्लोटंग ब्याज दरों पर लेना अच्छा रहेगा, क्योंकि ऊंची दरें लंबे समय के लिए नहीं रहेंगी।
ब्याज दर
यह भी अहम् सवाल है कि ब्याज दरों का कौन-सा विकल्प चुना जाए? फिक्सड, फ्लोटिंग या हायब्रिड। फिक्सड रेट इंटरेस्ट में ब्याज दर लोन खत्म होने तक एक ही रहती है। भले ही मार्केट में रेट कितने भी ऊपर-नीचे क्यों न हों? फ्लोटिंग रेट में मार्केट रेट के अनुसार ब्याज देना पड़ता है, जबकि हायब्रिड लोन में फिक्सड और फ्लोटिंग दोनों तरह के लोन को कुछ फीचर्स शामिल होती हैं। इसमें लोन की कुछ रकम पर (3-5 साल तक) फिक्सड इंटरेस्ट रेट लगता है और बाकी पर फ्लोटिंग।

Have your say!