ranchiexpress.com   Web       
Home » Property Express » 1 January 2010 »

प्रोपर्टी का इतिहास बताती है सर्च रिपोर्ट

प्रोपर्टी की खरीद-फरोख्त करते समय सर्च रिपोर्ट काफी मदद करती है। इससे प्रोपर्टी के सम्पूर्ण इतिहास के बारे में पता चल जाता है, जैसे- सबसे पहले यह प्रॉपर्टी किसके पास थी, उसके बाद किस-किसने खरीदी और इसका वर्तमान मालिक कौन है? अगर बिल्डिंग में कभी कोई कंस्ट्रक्शन या अन्य बदलाव कराया गया है, तो उसकी जानकारी भी सर्च रिपोर्ट में दी जाती है। यही नहीं, इस रिपोर्ट से यह भी पता चल जाता है कि प्रोपर्टी पर कोई टैक्स आदि तो बकाया नहीं है?
कुल मिलाकर कह सकते हैं कि प्रोपर्टी खरीदने वाले व्यक्ति के लिए सर्च रिपोर्ट बहुत काम का कागज होती है। खासतौर पर तब, जब प्रोपर्टी री-सेल की जा रही हो। इसके अलावा, अगर आप प्रोपर्टी खरीदने के लिए हाउसिंग लोन लेने की सोच रहे हैं, तो बैंक को भी इस कागज की जरूरत होगी, जिससे वह प्रोपर्टी के गैर-विवादित होने की पुष्टि कर सके। हालांकि जरूरी नहीं कि वह यह कागज आपसे मांगे, इसे हासिल करने के लिए उसके अपने प्रोफेशनल्स हो सकतेहैं।
सर्च रिपोर्ट में सबसे पहली बात प्रोपर्टी के मालिकाना हक के बारे में की जाती है। प्रोपर्टी टाइटिल की जांच पिछले 30 सालों के लिए की जाती है। प्रत्येक डेवलपर या सेलर के लिए जरूरी है कि वह ‘एग्रीमेंट टू सेल’ में सर्च रिपोर्ट की एक कॉपी संलग्न करे। यह रिपोर्ट पर्चेजर को यह बताती है कि प्रोपर्टी का टाइटिल क्लीयर हैं या नहीं, मार्केटेबल है या नहीं और इस पर कोई टैक्स आदि तो बकाया नहीं है? दूसरे शब्दों में कहें, तो इस रिपोर्ट में पता चल जाता है कि संबंधित प्रोपर्टी पर कोई मार्गेज, विवाद, दावा आदि तो नहीं है और इसे खरीदने से खरीदार किसी परेशानी में नहीं पड़ेगा। हाउसिंग लोन लेते समय बैंक की शर्तों में से एक यह भी होती है कि प्रोपर्टी का टाइटिल क्लीयर और मार्केटबल होना चाहिए यानी प्रोपर्टी विवादित नहीं होनी चाहिए और बेचने वाला व्यक्ति ही प्रोपर्टी का असली मालिक होना चाहिए। इस बात को प्रमाणित करने के लिए भी सर्च रिपोर्ट की जरूरत पड़ती है। अब बात आती है, सर्च रिपोर्ट तैयार करने की। सर्च रिपोर्ट वकील के माध्यम से बनवाई जा सकती है। वह रजिस्ट्रार के आफिस से प्रोपर्टी से संबंधित जरूरी जानकारियां हासिल करता है और प्रोपर्टी के कागजात की जांच करने के बाद टाइटिल सर्टिफिकेट जारी करता है। इस सर्टिफिकेट से प्रोपर्टी की वास्तविक स्थिति के बारे में पता चलता है। वैसे, आप खुद भी रजिस्ट्रार के आफिस में जाकर पता कर सकते हैं। बात हाउसिंग लोन की हो, तो आप सर्च रिपोर्ट बनवाएं या नहीं, बैंक खुद अपने वकील के माध्यम से उसे तैयार कराएगा। दरअसल, इस काम के लिए बैंक और फाइनेंस कंपनियों की अपनी टीम होती है। जाहिर है, वे आपसे ज्यादा उसके नतीजों पर ही विश्वास करेंगे। यह काम मामूली लागत पर हो जाता है, जो आमतौर पर आपसे ली जाने वाली प्रोसेसिंग और एडमिनिस्ट्रेशन फीस में शामिल होती है। कुछ बैंक इसके लिए अलग-से भी फीस चार्ज कर सकते हैं।
कई लोग आपसी विश्वास की बात करते हुए सर्च रिपोर्ट की जरूरत पर ही सवाल खड़ा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि सर्च रिपोर्ट खरीदार को सुरक्षा प्रदान करती है। यह रिपोर्ट उसे इस बात की सुनिश्चितता देती है कि इस प्रोपर्टी के किसी पुराने मामले को लेकर उसे कभी कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी, कोई पुराना बिल नहीं चुकाना पड़ेगा और किसी कानूनी पचड़े में नहीं पड़ना होगा। इसी तरह, हाउसिंग लोन देने वाले बैंक को सर्च रिपोर्ट के माध्यम से यह संतुष्टि रहती है कि वह सही प्रोपर्टी के लिए लोन दे रहा है। आपको पता होगा कि बैंक किसी भी विवादित, मॉर्गेज या बकाये वाली प्रोपर्टी के लए लोन नहीं देते, क्योंकि ऐसे में उनकी रकम वापस आने की संभावना बहुत कम हो जाती है यानी उसका रिस्क एक्सपोजर बढ़ जाता है। गौरतलब है कि सर्च रिपोर्ट तैयार करने के लिए सूचना का मुख्य स्त्रोत रजिस्ट्रार आफिस होता है। जाहिर है, अगर कोई प्रोपर्टी, उसकी डील या उसमें हुए बदलाव रजिस्टर्ड नहीं कराए गए हैं, तो उसकी जानकारी सर्च रिपोर्ट में शामिल नहीं होगी।

 

One Comment »

  1. बहुत अच्‍छी जानकारी दी है आपने। इस तरह की तकनीकी जानकारी न रहने के कारण बहुधा खरीदारों को ठगी का शिकार होना पडता है। इस तरह की जानकारी भूमि सुधार कार्यालयों के वेजपेज पर दी जानी चाहिए। ताकि जब भी वे अधिक जानकारी चाहें, उन्‍हें घर बैठे एक क्लिक से ही प्राप्‍त हो जाए। धन्यवाद। नेह अर्जुन इंदवार

Have your say!

Add your reaction below. Be nice. Keep it clean. Stay on topic. No spam.

Your comments will be moderated. Please refrain from making any comments which contain hatred / racial / abusive language. We reserve the right to not publish / moderate your comment without specifying any reasons whatsoever.