कॉफी पीने से बढ़ती है स्मरण-शक्ति
कॉफी दो रूपों में उपलब्ध रहती है। पहली कैफीनयुक्त तो दूसरी कैफीनमुक्त। काफी पीने से याददाश्त तो बढ़ती ही है, कार्य करने की क्षमता भी बढ़ जाती है। यह बात हम नहीं कह रहे। यूनिवर्सिटी आफ एरिजोना में हुए एक शोध से सामने आई।
डॉ. ली इयान तथा उनके साथियों ने ही ऊपर बताया निष्कर्ष निकाला था। शोधकर्ताओं ने परीक्षण के लिए कुछ लोगों को प्रात: और दोपहर के समय कॉफी पिलायी। पाया कि कैफीनयुक्त कॉफी पीने वालों की याददाश्त तो अच्छी थी ही, उनकी स्मरणशक्ति में पूरे दिन कोई कमी भी नहीं आई।
शोधकर्ताओं ने उन्हें एक दिन के लिए सुबह-शाम कैफीन रहित कॉफी पिलाई तो उनकी स्मरणशक्ति का स्तर पहले की अपेक्षा कम पाया गया।
डॉ. इयान का सुझाव है कि लोगों को अपने महत्वपूर्ण काम सुबह ही निपटा लेने चाहिए। उनका कहना है-’कैफीन के जरिये प्रौढ़ सरलता से अपनी सक्रियता बढ़ा सकते हैं। शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाने के लिए दूसरे उपायों जैसे सैर करना और दोपहर में झपकी लेने से भी याददाश्त तेज होती है। शोधकर्ताओं ने यह परीक्षण कुछ लोगों पर विभिन्न सत्रों में पांच से ग्यारह दिनों तक किया। उन्हें प्रातः 8 बजे और सायं 4 बजे कॉफी पिलाई गई। कुछ को परीक्षण से 30 पहले 220 से 270 मिलीग्राम और 12 औंस कॉफी और कुछ को इतनी ही मात्रा में कैफीन रहित कॉफी दी गई, जिन पर यह परीक्षण किया गया, सभी कॉफी का सेवन करने वाले थे।
जो लोग सुबह कॉफी पीते हैं, वे कॉफी न पीने वालों की तुलना में अधिक फुर्ती से अपने कार्य निपटा लेते हैं। यदि आप दोपहर में भी चुस्त रहना चाहते हैं तो कॉफी का सहारा लेवें। शोधकर्ता ने बताया- कैफीन मस्तिष्क के उन हिस्सों को क्रियाशील करती हैं, जहां से व्यक्ति की सक्रियता, मुड और ध्यान नियंत्रित होता है।


