डेयरी व्यवसाय में वृहत उपस्थिति के लिये रोड मैप : पेड़ीवाल
रांची, जे.के. संगठन का वृहत औद्योगिक हिस्सा उमंग डेयरी लिमिटेड को भारत में डेयरी व्यवसाय में सकारात्मक भविष्य नजर आता है। डेयरी उद्योग में प्रतिभागी रहते हुए उमंग डेयरी व्यवसाय में अपनी वृहत उपस्थिति दर्ज करने के लिये एक रोड मैप तैयार किया है।
कंपनी अपने ड्राइंग प्लांट की क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 4.5 लाख लीटर प्रतिदिन करने जा रही है। इस पर काम प्रारंभ हो चुका है तथा नवम्बर 2012 तक यह कार्य पूरा हो जायेगा। तरल दूध पैकेजिंग प्लांट की क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 6 लाख टन प्रतिलीटर किया जा रहा है। बढ़ी हुई क्षमता का परिचालन अक्तूबर 2012 से शुरू हो जायेगा। कंपनी ग्लास में फ्लेवर्ड मिल्क लांच करने की योजना बना रही है। इसके लिये काम शुरू हो गया है तथा इस वित्तीय वर्ष के अंत में यह कार्य पूरा हो जाएगा।
कंपनी ने डेयरी क्षेत्र में विकास के लिये यस बैंक को सुझाव देने के लिये परामर्शी नियुक्त किया है। कंपनी के निदेशक आर.सी. पेड़ीवाल ने बताया कि पिछले 6-7 वर्षों में भारत दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। भारत सबसे सस्ता दूध का उत्पादन करता है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक एवं परम्परागत रूप से भारतीय दूध एवं इससे बने उत्पाद को पसंद करते हैं। उच्च उपलब्धता एवं दूध एवं इससे बने उत्पादों की खपत के कारण कई बड़ी कंपनियां इस व्यापार में भारत आ रही है जिनमें अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं इनमें से कुछ ने तो भारत में अपनी दुकानें भी खोल ली है। श्री पेड़ीवाल ने बताया कि उमंग डेयरी वर्तमान में श्रीखंड मिल्क पावडर, मक्खन, घी एवं डेयरी क्रीमर्स का उत्पादन एवं मार्केटिंग करती हैं। उन्होंने बताया कि अमूल एवं नेस्ले के बाद उमंग डेयरी कंज्यूमर पैक डेयरी क्रीमर का तीसरा सबसे बड़ा विक्रेता है। उमंग घी की बाजार में अच्छी मांग है। कई रिटेल कंपनियां उमंग डेयरी के उत्पादों को खरीदती है जिनमें उमंग घी की अच्छी बिक्री शामिल है। इन कंपनियों भारती, बालमार्ट, स्पेंसर, बिग बाजार एवं मदर डेयरी शामिल है। श्री पेड़ीवाल ने कहा कि कम्पनी उत्पादों की उच्च गुणवता एवं अच्छी आपूर्ति सेवा को प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि भारती वालमार्ट ने उमंग डेयरी को निजी बैंक के लिये सप्लायर आफ दि इयर एवार्ड प्रदान किया है। श्री अमित फ्रांसीस ने कहा कि भारत सरकार देश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिये कई कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के इन कदमों से देश में 122.8 मिलियन टन दूध उत्पादन की अपेक्षा 200 मिलिनय टन दूध का उत्पादन होने लगेगा।


