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समर्थन के मसले पर फैसला एक अक्तूबर को

रांची,  झारखंड विकास मोर्चा ने केन्द्र की यूपीए सरकार पर डीजल की कीमत, रसोई गैस सिलेंडर की राशनिंग और खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश के मामले में दबाव बनाने का प्रयास किया है और मांगें नहीं माने जाने पर केन्द्र सरकार से समर्थन वापस लेने का संकेत दिया है, हालांकि इस संबंध में कोई फैसला एक अक्तूबर को पार्टी नेताओं की होनेवाली बैठक में ही लिये जाने की संभावना है। झाविमो दो सांसदों के साथ केन्द्र की डा. मनमोहन सिंह सरकार को समर्थन दे रहा है, लेकिन हाल के दिनों में लिये गये कुछ फैसले से झाविमो नाराज है और झाविमो के कई नेताओं ने खुले तौर पर केन्द्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की है। झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी भी आज पार्टी विधायकों और कार्र्यकत्ताओं के साथ भारत बंद के दौरान सड़कों पर उतरें। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हाल के दिनों में केन्द्र सरकार द्वारा कई जनविरोधी निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि चाहे टूजी स्पेक्ट्रम का मुद्दा हो या कोल आवंटन का मुद्दा, डीजल की कीमत वृध्दि और रसोई गैस सिलेंडर की राशनिंग का विषय हो चाहे खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का मसला हो, यह आम आदमी के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि एफडीआई से विदेशी बाजार खुलने से छोटे व्यवसायियों को नुकसान होगा। उन्होंने केन्द्र सरकार से इन फैसलों को वापस लेने की मांग की। बाबूलाल मरांडी ने बताया कि ताजा राजनीतिक परिस्थितियों पर एक अक्तूबर को रांची में पार्टी की केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलायी गयी है, जिसमें देश व प्रदेश की सभी परिस्थितियों पर विचार होगा। इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, केन्द्रीय समिति के पदाधिकारी और मंच-मोर्चा के अध्यक्षों को बुलाया गया है।

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