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तेल एक गुण अनेक

भागमभाग भरी इस जिंदगी में अकसर लोग जंक फूड को बहुत ज्यादा तव्वजो देते है। ये जानते हुये भी कि जंक फूड में मैदे, पनीर, मक्खन, नमक और चीनी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। इससे सेहत संबंधी कई समस्याएं हो जाती है और इन समस्याओं में सबसे ऊपर है पाचन की समस्या। खाने के अलावा दवाइयों का इस्तेमाल, लगातार घूमना, उम्र, गर्भवती महिलाओं को हार्मोन के असंतुलन और व्यायाम न करने से कब्ज जैसी समस्याएं आम है। अपाचन से पेट में दर्द, चिड़चिडापन और दैनिक कार्यो में एकाग्रता की कमी जैसी कई मुष्किलें आती है। कब्ज से तो कालोरेक्टल कैंसर होने की भी संभावना हो सकती है। लेकिन कब्ज या अपाचन जैसी बीमारियों को रोकने का बहुत ही आसान सा समाधान है। बस खाना बनाते समय अगर तेल पर ध्यान दिया जाये तो अपाचन और कब्ज की समस्या बहुत आसानी से हल हो सकती है, यानि कि किस तेल में आप खाना बना रही है। गौरतलब है कि खाना बनाने में नरियल तेल के इस्तेमाल से अपाचन और कब्ज जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। दरअसल नारियल तेल में मीडियम चेन फैटी एसिड होता है जो अन्य वसा युक्त तेल के मुकाबले ज्यादा घुलनशील है और इसी वजह से नारियल तेल को पचाने में बहुत आसानी होती है। जबकि दूसरे रिफाइंड तेल में लॉग चेन फैटी एसिड होते है जिसे पचाने में काफी समय लगता है। इसलिये सलाद ड्रैसिंग जैसे व्यजंन बनाते समय भी नारियल तेल की कुछ बूंदों के उपयोग से ये सेहतमंद होने के साथ साथ बहुत स्वादिष्ट हो जाता है। दूसरे वसा युक्त तेल पाचन क्रिया में बहुत अधिक समय लेते है लेकिन नारियल का तेल अन्य वसा के मुकाबले तत्काल उर्जा देता है। इसलिये नारियल के तेल खाने से सुस्ती नहीं आती। इसके अलावा इसमें फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, साथ ही पोशक तत्वों भरपूर होते है। यही वजह है कि नारियल तेल सेहत के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। नारियल तेल में कई सैचुरेटिड वसा जिसमें एंटी माइक्रोबियल। गुण होते है जो अपाचन की समस्या से लड़ने में मदद करता है। ये विटामिन, खनिज लवण और अमिनो एसिड को अवशोषित करने में सक्षम होता है।  वर्जिन नारियल तेल में एंटी बैक्टीरियल, एेंटी फंगल और एेंटी वायरल एजेंटस होते है जो पाचन क्रिया को बढ़ाते है और कई तरह के संक्रमण को रोकने में मदद करता है।

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