सीबीएसई परीक्षाओं में मिलेंगे पांच मौके
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) यह घोषणा की है कि एक विषय में कंपार्टमेंट या फेल होने की परंपरा को इसी अकादमी सत्र से खत्म कर दिया जाएगा। परीक्षा प्रणाली में अपने सुधार कार्यक्रम, जिसमें नाइन प्वाइंट्स ग्रेडिंग सिस्टम भी लागू होना है, के तहत सीबीएसई ने सभी सफल छात्रों को क्वालिफाइंग सर्टिफिकेट्स दिए जाने की भी व्यवस्था की है। वे प्रत्याशी जो सभी विषयों में (एडीशनल विषय को छोड़कर) क्वालिफाइंग ग्रेड (डी या इससे उपर) प्राप्त करेंगे, उन्हें क्वालिफाइंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा। वे छात्र जो किसी एक विषय में ग्रेड-ई-1 या ई-2 प्राप्त करेंगे, उन्हे पांच प्रयासों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाना होगा। मिसाल के तौर पर एक प्रत्याशी मार्च 2010 की बोर्ड परीक्षाओं में बैठता है और उसका किसी एक मुख्य विषय में ग्रेड ई-1 या ई-2 आता है (और अन्य सभी विषयों में क्वालिफाइंग ग्रेड डी या उससे उपर आता है) तो वह जुलाई 2010 से अगले पांच प्रयासों में कमजोर विषय में अपने प्रदर्शन को बेहतर कर सकता है। केवल वही छात्र उच्च कक्षाओं में प्रवेश पायेंगे, जिन्हें क्वालिफाइंग सर्टिफिकेट मिला है।
Print This News
|
Send to Friend


Have your say!