परखें, समझें, फिर करायें नामांकन
हाल के दिनों में शिक्षा घोटाले से जुड़ी कुछ खबरों ने विद्यार्थियों के मन में कई तरह की आशंकाएं पैदा की हैं। बात चाहे उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों को मान्यता देने वाली संस्था एआईसीटीई के उच्चाधिकारियों की गिरफ्तारी की हो, या फिर फर्जी डिग्रियों के मामले सामने आने का हो, यह शिक्षा और शिक्षण संस्थानों के वास्तविक हालात की तरफ इशारा करते हैं। शिक्षा की दुनिया में इतने परिवर्तन हो रहे हैं कि विद्यार्थी के लिए यह पता लगा पाना भी मुश्किल होता जा रहा है कि जो पढ़ाई वह कर रहा है, उसकी मान्यता है भी या नहीं। यहां सवाल उठता है, किस तरह इन संस्थानों से बचा जाए? फर्जी संस्थानों की जहां तक बात है, तो इनकी जानकारी पाना कठिन काम नहीं है। इसके लिए विभिन्न स्ट्रीम के प्रोफेशनल कौंसिल हैं, जहां से जानकारी हासिल की जा सकती है। इसके लिए संबंधित छात्र या उनके अभिभावक सीधे फोन से या प्रोफेशनल कौंसिल्स की वेबसाइट के माध्यम से भी सही जानकारी हासिल कर सकते हैं। भारतीय विश्वविद्यालयों की मान्यता के बारे में यूजीसी नोडल संस्था है, जिसकी वेबसाइट पर फर्जी विश्वविद्यालयों के नाम जारी किए गए हैं। पूरे देश में 22 विश्वविद्यालयों को यूजीसी ने फर्जी घोषित कर रखा है। प्रतिवर्ष सैकड़ों-हजारों की संख्या में छात्र ऐसी डिग्री-डिप्लोमा हासिल कर रहे हैं, जिनकी या तो मान्यता नहीं है या संदिग्ध है। इन संस्थानों की कैसे कर सकते हैं पहचान और बच सकते हैं फर्जी डिग्री के मोहजाल से।
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