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Home » Ranchi » 3 November 2013 »

काली पूजा पंडालों के पट खुले, उमड़ी भीड़

रांची, शहर में आज काली पूजा का उत्साह चरम पर दिखा। विभिन्न स्थानों पर पूजा समितियों की ओर से बनाये गये पूजा पंडालों के पट आज मध्यरात्रि मां काली की पूजा के बाद दर्शनार्थियों के लिये खोल दिये गये। राजधानी में इस वर्ष काली पूजा के लिये दर्जनों पूजा पंडाल का निर्माण किया गया है। कहीं काल्पनिक मंदिर तो कहीं भव्य शिवलिंग का प्रारुप बनाया गया है। रात आठ बजे से ही राजधानी के मंदिरों में माता काली के भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। मंदिरों और पूजा पंडालों में रात दस बजे से पूजा अनुष्ठान शुरू किया गया जो मध्यरात्रि में मां काली की महाआरती के साथ संपन्न हुआ।
बंगाली समुदाय के लोग काली पूजा बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। इन्होंने आज सुबह अपने पितरों के लिये 14 प्रकार के सागों का सेवन किया। इन चौदह सागों में ओल, केओ, जयंती, नीम, सरसो, बेतो, संचे, पोलता, सौंफ, कालकासुंदे, हिलांचो, भासपाता, शुष्णी और गुलंच शामिल है। बंग समुदाय के लोग इस पूजा को दीपान्निता काली पूजा भी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन मां काली की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। आमतौर पर काली पूजा दिवाली के दिन की जाती है, लेकिन इस वर्ष आज ही अमावस्या चढ़ जाने के कारण और दिवाली के दिन शाम साढ़े छह बजे तक ही अमावस्या रहने के कारण काली पूजा का आयोजन एक दिन पूर्व किया गया।
एक ओर दीपावली का ज्वार तो दूसरी ओर मां काली के भक्तों के लिये कार्तिक अमावस्या की रात। शहर के मंदिरों और पूजा पंडालों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। कई पूजा पंडालों तक जाने वाले रास्ते पर बड़े-बड़े तोरण द्वार भी बनाये गये हैं। ये सभी तोरण द्वार विद्युत चालित हैं जो भक्तों को खुब लुभा रहे हैं।
कोकर स्थित कोकर इंटरप्रेनियर क्लब काली पूजा समिति के पूजा पंडाल का उद्धाटन शहर के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने किया। यहां पंडाल को वृन्दावन आश्रम का रूप दिया गया है। आश्रम में एक बड़े तालाब का निर्माण किया गया है, जिसमें हंसों का विचरण लोगों को लुभा रहा है। करीब आधा दर्जन बने कुटियों में मां काली की प्रतिमा के अलावा भूत-प्रेत बनाए गए हैं, जो बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना है। समिति के प्रदीप रवि ने बताया कि समिति तीसरे साल काली पूजा का आयोजन कर रही है।
डोरंडा बाजार काली पूजा समिति के पंडाल का उद्धाटन सांसद सुबोध कांत सहाय व विधायक बैद्यनाथ राम ने संयुक्त रुप से किया। हरमू रोड, किशोर गंज चौक के समीप काली पूजा स्वागत समिति के इंद्रधनुषी रंग के पंडाल का पट रात 8 बजे दर्शनार्थियों के लिए खुला। पट खुलते ही मां काली के दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा। समिति के अध्यक्ष प्रेम वर्मा ने बताया कि सोमवार को महाआरती का आयोजन किया गया है, इसमें एक हजार एक महिलाएं भाग लेंगी।
इसके अलावा कॉसमॉस यूथ क्लब, सरकुलर रोड द्वारा भी काल्पनिक मंदिर का प्रारुप बनाया गया है। यहां शाम 7 बजे मां काली पंडाल का पट खोला गया। गोशाला चौक स्थित वाल्मीकि छात्र संघ काली पूजा समिति का पंडाल उत्तराखंड की त्रासदी पर बनाया गया है। यहां मां काली भक्तों को आशीर्वाद दे रही हैं। डोरंडा काली मंदिर के न्यू काली पूजा समिति द्वारा इस बार जम्मू के प्रसिध्द शिवखोरी गुफा का प्रारुप तैयार किया गया है। यहां दर्शनार्थियों को गुफा के ऊपर जाकर मां काली का दर्शन करना रोमांचक लग रहा है।
कुसई काली पूजा समिति के पूजा पंडाल का शुभारंभ आज पांच पुरोहितों ने मां काली की प्रतिमा की पूजा अर्चना करके की। इस अवसर पर सांसद सुबोधकांत सहाय, विधायक नवीन जायसवाल व विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष एस.एन. वर्मा उपस्थित थे। यह जानकारी संजय पोद्दार ने दी।

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