शानदार साबित होगा 2010
रीयल एस्टेट सेक्टर के लिए वर्ष 2010 काफी अच्छा रहने के संकेत मिल रहे हैं। प्रोपर्टी एक्सपट्र्स भी स्वीकारते हैं कि गत वर्ष की मंदी की काली छाया हट गई है। रिटेल और रेसिडेंशियल सेगमेंट फिर बूम की तरफ है। बाजार विशेषज्ञ तो स्पष्ट मानते हैं कि ऐसा सुनहरा वर्ष दोबारा शायद ही आए, क्योंकि कीमतें ठहरी हुई है और इसमें उछाल की संभावना निकट भविष्य में काफी कम है। मिडल क्लास रेसिडेंशियल प्रोपर्टी सबसे हॉट मार्केट के रूप में सामने आ रही है। निवेशकों के लिए तो यह बेहतर निवेश विकल्प है ही, एंड यूजर्स के लिए भी अभी मकान खरीदना फायदे का सौदा होगा। मेट्रो सिटीज में 15 से 25 लाख रुपए और रांची जैसी ग्रोइंग सिटी में 10 लाख से 16-17 लाख रुपए में दो बीएचके के काफी विकल्प हैं। निवेश के लिए तो यह बिल्कुल सही समय है। यदि दो प्रोपर्टी खरीदते हैं तो एक में खुद रहें और दूसरी को कुछ समय बाद बेच दें। निश्चित रूप से काफी फायदा होगा। वर्ष 2010 रिटेल सेगमेंट में भी निवेशकों के लिए खुशनुमा होगा। वर्ष 2009 कस्टकारक था तो वर्ष 2010 लाभदायक होगा, ऐसा रिटेल एक्सपट्र्स मानते हैं। एक्सपट्र्स की मानें तो, बड़े शॉपिंग माल्स में जगह लेना ज्यादा फायदे का सौदा होगा।
आयकर में भी कई ऐसे प्रावधान हैं कि प्रोपर्टी को खरीदने में सहुलियत होती है। सबसे महत्वपूर्ण है होम लोन के प्रिंसिपल और इंटरेस्ट के रूप में भुगतान की गई रकम पर आयकर में कटौती छूट। आयकर अधिनियम की धारा 1961 के अनुसार होम लोन पर डेढ़ लाख रुपए तक के ब्याज पर कर छूट है। प्रोपर्टी लोन लेकर खरीदें, खासकर जब दूसरी प्रोपर्टी खरीदनी हो। उसे किराए पर देने से टैक्स में छूट का लाभ मिलेगा। सेक्शन 80सी के तहत इस लोन पर चुकाया जाने वाला ब्याज कर मुक्त होगा। हां, पहले लोन की तरह इसके ब्याज पर डेढ़ लाख रुपए की अधिकतम सीमा नहीं है। इस वर्ष निवेशकों की नजरें खाली प्लाट्स पर भी पड़ेगी। साथ ही आम आदमी अपनी बचत का निवेश जमीन खरीदने में कर सकता है। उसे इसमें ज्यादा लाभ नजर आ रहा है क्योंकि जमीनों की कीमतें लगातार बढ़ रही है। खरीददार ज्यादा और जमीन कम। लिहाजा कीमतें तो तेजी से बढ़ेंगी ही, बस इसी प्वाइंट को निवेशक मार्केट पकड़ रहा है। किसी अच्छी संभावना वाले क्षेत्र में जमीन खरीदें, फिर उसे 10-15 वर्ष के लिए भूल जाएं। 15 वर्ष बाद वही जमीन कई गुणा मुनाफा देगी। फरवरी 2010 में ही आम बजट है। सरकार रीयल एस्टेट सेक्टर के लिए कुछ विशेष सोच सकती है। आयकर में भी राहत मिल सकती है। इसलिए जो रहने के लिए पहला मकान खरीदना चाहते हैं, उनके लिए तो यह बेहतर वर्ष है ही, निवेशकों के लिए भी 2010 अच्छा मुनाफा का वर्ष साबित हो सकता है।
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