बेरमो अनुमंडल में आम जनजीवन ठप
: ‘आपरेशन ग्रीन हंट’ के खिलाफ चार राज्यों में नक्सलियों के 72 घंटे के बंद का आज बोकारो जिले में मिलाजुला प्रभाव देखा गया, जहां इस्पात नगरी बोकारो और उपशहर चास के लगभग सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले देखे गये, वहीं वाहनों का परिचालन प्रभावित हुआ। बोकारो से लम्बी दूरी के वाहनों के परिचालन पर नक्सली बंद का खासा असर देखा गया। उधर बेरमो अनुमंडल में बंद का व्यापक असर देखने को मिला और आम जनजीवन ठप- सा रहा।
हमारे बोकारो थर्मल संवाददाता के अनुसार बंद को देखते हुए धनबाद रेलमंडल सीआईसी सेक्शन अंतर्गत गोमो- बरकाकाना के बीच गोमो- मुगलसराय, गोमो- बरवाडीह, गोमो- इलाहाबाद पैसेन्जर ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। और हावड़ा- जबलपुर शक्तिपुंज को मार्ग परिवर्तित कर गया- मुगलसराय के रास्ते चलाया जा रहा है। बंद के दौरान बेरमो अनुमंडल के नावाडीह, ऊपरघाट, बोकारो थर्मल, कथारा, फुसरो, जारंगडीह, कुरपनिया के व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों पर यात्री वाहन नहीं चले। एहतियातन कथारा, बोकारो थर्मल, बोकारो- कोलियरी स्थित बैंकों की एटीएम बंद की गयी थी।
डीवीसी बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा, टीटीपीएस, ललपनिया, सीपीपी कथारा पावर प्लांटों के लिये कोयले की ढ़ुलाई तथा छाई की ट्रांसपोर्टिंग ठप रही। सीसीएल के कथारा, बोकारो- करगली और ढोरी प्रक्षेत्रों की कोयला खदानों में कोयले का उत्पादन तो हुआ, लेकिन ढ़ुलाई नहीं हो सकी।
आठ फरवरी से कुछ स्कूल भी बंद कर दिये जाने की सूचना है। वहीं पेटरवार संवाददाता के मुताबिक पेटरवार, कसमार एवं आसपास के क्षेत्रों में भी बंद का व्यापक प्रभाव देखा गया। बाजार बंद रहे और सड़कें सुनसान रहीं।
गोमिया संवाददाता के मुताबिक तीनदिवसीय बंद का पहले दिन काफी प्रभावशाली असर देखा गया। बंद के दौरान गोमिया, ललपनिया, आईईएल, महुआटांड़ की पुलिस सक्रियता के साथ गश्ती करती देखी गयी। गोमिया- कथारा, गोमिया- विष्णुगढ़ एवं गोमिया- पेटरवार की मुख्य सड़कों पर वीरानी छाई रही। गोमिया, स्वांग, होसीर, हजारी, कथारा, साड़म, खम्हरा, ससबेड़ा, ललपनिया आदि क्षेत्रों के व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सीसीएल, आईईएल, ललपनिया ताप विद्युत केन्द्र में ट्रांसपोर्टिंग पूर्णतया ठप रही। समाचार लिखे जाने तक पूरे जिले से बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
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