आंतरिक सुरक्षा के लिये ठोस कदम : शिबू
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई। गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित इस बैठक में केन्द्रीय गृहमंत्री के अलावा गृह मंत्रालय के तमाम आला अधिकारियों ने शिरकत की। दिन भर चली बैठक में श्री सोरेन ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को दुरू स्त करन के लिए राज्य सरकार ने कई ठोस कदम उठाये हैं। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य निर्माण के समय कुल पुलिस बलों की संख्या 22 हजार थी जिसे बढ़ाकर 56 हजार कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बलों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है जिसे वर्ष के अंत तक भर दिया जायेगा। राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के लिए इंडिया रिजर्व बल की स्वीकृत पांच बटालियों में से तीन का गठन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बैंकों, व्यापारिक एवं सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के लिए सजग हैं और इसके लिए अलग से विशेष बल की गठन की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुरक्षा तंत्र को दुरूस्त करने के लिहाज से रांची एवं जमशेदपुर में ‘टेट्रा वायरलेस एवं डॉयल 100′ की व्यवस्था लागू की गयी है। इसे धनबाद एवं बोकारो में भी जल्द ही लागू करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच-पड़ताल में तेजी लाने और प्रमाणिकता बढ़ाने के उद्देश्य से अत्यधुनिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना करायी गयी है। राज्य पुलिस को बेहतर सूचना संचार तंत्र उपलब्ध कराने की प्रतिबध्दता के तहत फिलहाल सी.यू.जी., वी.एच.एफ., पोलनेट तथा सेटेलाइट फोन उपलब्ध करा दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंक निरोधी बल अर्थात् ए.टी.एस. के गठन का राज्य में जल्द ही किया जायेगा। राज्य में पुलिस आधुनिकीकरण के क्षेत्र में राज्य सरकार के उल्लेखनीय कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत राज्य को वित्तीय वर्ष 2008-09 तक 475 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई जिसमें लगभग 461 करोड़ रुपये का उपयोग पुलिस तंत्र को सुदृढ़ करने में किया जा चुका है।
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