कलश यात्रा के साथ महारूद्र यज्ञ प्रारंभ
डकरा में बने नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए सोमवार को कलश यात्रा के साथ छह दिवसीय महारूध्द यज्ञ प्रारंभ हो गया। सुबह सात बजे से ही यज्ञ स्थल पर महिलाएं व युवतियों का जुटना शुरू हो गया था। 11 बजे संकल्प के बाद कलश यात्रा शुरू हुई जो पूरे डकरा कालोनी होते हुए दामोदर नदी छठ घाट पहुंची। नदी में पूजा अर्चना के बाद जल यात्रा शुरू हुई और पूरे नगर भ्रमण करते हुए पुन: यज्ञ स्थल पहुंची। रास्ते में जलयात्रा में शामिल लोगों के स्वागत के लिए तरह तरह की व्यवस्था की गयी थी। जल यात्रा में शामिल लोगों के बीच प्रसाद भी बांटे गये इसके पूर्व फीता काटकर महाप्रबंधक बी.आर. रेड्डी ने यज्ञ मण्डप का उद्धाटन किया और जल यात्रा प्रारंभ कराया। यज्ञ पूरे विधि विधान के साथ अयोध्या व बनारस से आए विद्वान अवध किशोर वैद्य, मोनस मार्तण्ड, राम प्रसाद चतुर्वेदी, राम जनम त्रिपाठी, शैल मिश्रा, रामरूप शास्त्री, रामदर्शन वाजपेयी, सतीश पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय की टोली द्वारा शुरू कराया गया। कलश यात्रा में डकरा पी.ओ.एच. के शाहा सहित क्षेत्र के सभी अधिकारी व श्रमिक नेता भी शामिल थे।
कलश यात्रा में भीड़ उमड़ी
महारूद्र यज्ञ के लिए निकाली गयी कलशयात्रा में रिकार्ड भीड़ जुटी। पिछले दो दशक में इस क्षेत्र में जितने भी यज्ञ हुए हैं और उसके लिए निकाली गयी कलश यात्रा में अब तक की सबसे बड़ी भीड़ थी। महिलाएं चार पांच पत्तियों में चल रही थी इसके बाद भी भीड़ दो किलोमीटर से अधिक लम्बी थी। पूर्व में 1100 कलश लाये गये थे। बाद में तीन चार बार और अतिरिक्त कलश मंगाए गये। लगभग 2100 कलश के साथ यात्रा निकाली।

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