प. बंगाल में मुसलमानों को आरक्षण
पश्चिम बंगाल सरकार ने रंगनाथ मिश्रा आयोग की अनुशंसाओं पर अमल करते हुये आज अन्य पिछड़े वर्ग के कोटे से मुसलमानों के लिये रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की। बहरहाल इस वर्ग के संपन्न तब के क्रीमी लेयर को आरक्षण से बाहर रखा गया है।
केंद्र सरकार के कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करने से पहले ही राज्य की वामपंथी सरकार ने यह महत्वपूर्ण निणय लिया है जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री बुध्ददेव भटटाचार्य ने की।
उन्होंने कहा कि हमने राज्य में रंगनाथ मिश्रा की अनुशंसाओं पर अमल करने में पहल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों में जो पिछड़े हैं उन्हें सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़े वर्गों के कोटे से 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा। श्री भट्टाचार्य ने कहा कि अब तक राज्य में अन्य पिछड़े वर्गों के लिये सात प्रतिशत आरक्षण था। अब इस वर्ग में मुसलमानों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने से अन्य पिछड़े वर्गों का कुल आरक्षण बढ़कर 17 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय साढ़े चार लाख
रूपये से कम होगी वे आरक्षण के पात्र होंगे। श्री भट्टाचार्य ने धार्मिक आधार पर यह निर्णय लिये जाने से इनकार करते हुये कहा कि इसके लिये आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिणक आधार तय किये गये हैं।

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