किसानों पर बंद का कहर
माओवादियों के झारखंड बंद का दूसरा दिन छिटपुट घटनाओं को छोड़ शांतिपूर्ण रहा। आज भी राज्य में लम्बी दूरी की गाड़ियां नहीं चली और रेल मार्ग भी प्रभावित रहे, जिससे कई ट्रेनें देर से चलीं।
उग्रवाद प्रभावित ग्रामीण इलाकों में बंद का ज्यादा असर देखा गया। बंद के कारण हाट-बाजारों में सब्जियों के ढेर देखने को मिले। जिसे खरीदने वाले नहीं के बराबर थे। 12 रु. किलो बिकने वाले मटर तीन रु. तथा पांच-छह रु. पीस बिकने वाली गोभी दो रु. पीस बिक रही थी। अन्य सब्जियों का भी यही हाल था। नक्सलियों के इस बंद का असर किसानों पर खासा पड़ा है। मालूम हो कि नक्सलियों के विरुध्द चलने वाले ‘ग्रीन हंट’ अभियान के कारण माओवादियों ने झारखंड सहित चार राज्यों में 72 घंटे के बंद का एलान किया है।
उधर बंद को देखते हुए आसनसोल-झाझा रेल खंड को हाई अलर्ट कर दिया गया है। चतरा, गुमला, पलामू, हजारीबाग, गढ़वा, लातेहार के क्षेत्रों में आज भी बन्द का असर देखा गया। गोमिया में बन्द का व्यापक असर रहा। कुड़ू स्थित तीन बैंक भी बन्द रहे। बाजारों, सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम देखी गयी। बंद के दूसरे दिन यात्रियों की परेशानियां देखने को मिली। बस स्टैंडों में बसों की खोज में उन्हें भटकते देखा गया। घाटशिला में बंद का खासा असर देखा गया। बंद के कारण रेल मार्ग, विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। कल देर रात नक्सलियों ने चक्रधरपुर रेल मंडल की झारखंड-उड़ीसा सीमा पर स्थित भालूलता-जराईकेला स्टेशनों के बीच पटरी को बम से उड़ा दिया जिससे हावड़ा-मुम्बई रेल मार्ग पर परिचालन कुछ घंटे के लिये ठप हो गया।
दक्षिण-पूर्व रेलवे सूत्रों के अनुसार नक्सलियों ने चक्रधरपुर रेल मंडल के बीच अप लाइन उड़ा दी। चक्रधरपुर रेल मंडल दक्षिण-पूर्व रेल मंडल के अन्तर्गत है। घटना के बाद अप तथा डाउन दोनों लाइनों पर यातायात प्रभावित हुआ। विस्फोट के कारण हावड़ा से मुम्बई बरास्ता विलासपुर होकर जाने वाली सभी मेल, एक्सप्रेस गाड़ियां आज पांच से सात घंटे विलम्ब से चलीं।
सुबह सात बजे से अप लाइन से यातायात शुरू हो पाया। हावड़ा-मुम्बई 2810 मेल, हावड़ा-पुणे 2130, आजाद हिन्द एक्सप्रेस, हावाड़ा-मुम्बई, एलटीटी 2102, हावाड़ा-अहमदाबाद 2834, पुरी-हरिद्वार 8477, उत्कल एक्सप्रेस सात घंटे देरी से चल रही है। हावड़ा-हटिया और पुरी की ओर जाने वाली गाड़ियां भी देर से चली।

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