ranchiexpress.com   Web       
This Rakhi send Rakhi / Gifts to your Brother / Sister in Jharkhand
Home » Sports » 9 February 2010 »

घुटने टेके भारतीय बल्लेबाजों ने

भारत का टेस्ट रैंकिंग में नबर वन ताज खतरे में पड़ चुका है। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन की कहर बरपाती गेंदों के आगे भारतीय बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिये और भारत को पहले क्रि केट टेस्ट के तीसरे दिन आज फालोआन खेलने के लिये मजबूर होना पड़ा। डेल ने 51 रन पर सात विकेट लेकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुये भारत को पहली पारी में मात्र 233 रन पर ढेर कर दिया। ओपनर वीरेन्द्र सेहवाग (109) के 18वें शतक और अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे सुब्रमण्यम बद्रीनाथ (56) के अर्ध्दशतक को छोड़कर शेष भारतीय बल्लेबाज डेल के कहर का सामना नहीं कर सके। डेल ने भारतीय बल्लेबाजों का जिस तरह जुलुस निकाला वह वाकई हैरानी में डालने वाला था। दहाई की संख्या में पहुंचने वाले एक अन्य बल्लेबाज गौतम गंभीर 12 थे। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर सिर्फ सात रन बनाकर आउट हुये जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ छह रन बना सके। अपना पहला टेस्ट रहे रिध्दिमान साहा खाता नहीं खोल सके। भारत ने अपने अंतिम सात विकेट 41 रन जोड़कर बीस ओवर में गंवा दिये।
भारत को पहली पारी में 325 रन से पिछड़ने के बाद फालोआन खेलना पड़ा। दूसरी पारी में भी भारत की शुरूआत खराब रही। गंभीर एक रन बनाकर और पहली पारी के शतकधारी सेहवाग 16 रन बनाकर आउट हुये। भारत ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट खोकर 66 रन बना लिये हैं। स्टम्प्स के समय मुरली विजय 68 गेंदो में चार चौकों की मदद से 27 रन बनाकर और सचिन तेंदुलकर 48 गेंदों में दो चौकों की मदद से 15 रन बनाकर क्रीज पर थे। इन दोनों बल्लेबाजों के ऊपर भारत को पारी की शर्मनाक हार से बचाने की भारी जिम्मेदारी है। भारत अभी दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी की बढ़त से 259 रन पीछे है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं।
मास्टर ब्लास्टर का घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खराब रिकार्ड यहां भी बरकरार रहा। स्टेन की एक तूफानी गेंद ने सचिन को चौंकाया और वह विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। सेहवाग और बद्रीनाथ ने चौथे विकेट के लिये मजबूत शतकीय साझेदारी की। भारतीय पारी पटरी पर लौटती नजर आ रही थी कि शतक पूरा कर चुके सेहवाग ने वेन पार्नेल के बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ाते हुये जे पी डुमिनी को कवर में कैच थमा दिया। सेहवाग का विकेट गिरना था कि भारतीय पारी इसके बाद ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
लेफट आर्म स्पिनर पॉल हैरिस की लेग स्टंप के बाहर रफ स्पॉट पर पड़ी गेंद तेजी से उछली और धौनी के बल्ले को छूते हुये स्लिप में जैक्स कैलिस के हाथों में समा गई। स्टेन ने बद्रीनाथ को मिड विकेट में कैद कराया और साहा को बोल्ड कर दिया। जहीर भी स्टेन की गेंद पर बोल्ड हुये।
अमित मिश्रा भी स्टेन के शिकार बने। हरभजन सिंह को स्टेन ने पगबाधा कर भारतीय पारी को 233 रन पर समेट दी। स्टेन ने इस तरह 16.4 ओवर में 51 रन पर सात विकेट लेकर अपना पिछला 49 रन पर छह विकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पीछे छोड़ दिया। मोर्कल हैरिस और कार्नेल को एक-एक विकेट मिला। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ ने अपने साथी खिलाड़ियों से विचार-विमर्श करने के बाद भारत को फालोआन कराने का फैसला किया। दूसरी पारी में भी भारत की शुरूआत खौफनाक रही। मोर्कल की 145 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार की गेंद पर गंभीर ने अपना बल्ला हवा में उठाने की गलती की और गेंद तेजी से उनका ऑफ स्टंप ले उड़ी। सेहवाग ने हालांकि 16 रन की अपनी पारी में चार चौके लगाये लेकिन स्टेन की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद को अनावश्यक मारने की कोशिश में वह पहली स्लिप पर स्मिथ के हाथो लपके गये। दो विकेट जल्दी गिर जाने के बाद मुरली और सचिन ने भारत को कोई और नुकसान नहीं होने दिया और तीसरे विकेट के लिये 42 रन की नाबाद साझेदारी कर डाली।

Read 117 times | No Reactions | Print This News Print This News | Send to Friend Send to Friend

 

Have your say!

Add your reaction below. Be nice. Keep it clean. Stay on topic. No spam.

Your comments will be moderated. Please refrain from making any comments which contain hatred / racial / abusive language. We reserve the right to not publish / moderate your comment without specifying any reasons whatsoever.