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अंतरिक्ष विज्ञान में बीटेक कोर्स

अतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया मानती है। लेकिन अभी तक यहां अंतरिक्ष के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए सीधा रास्ता मौजूद नहीं था। पर अब अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बीटेक पाठयक्रम कराने की घोषणा कर इसरो ने स्पेस में करियर बनाने को इच्छुक उम्मीदवारों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। इसरो ने अब इंडियन इन्स्टीटयूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईएसटी) के नाम से एशिया की पहली स्पेस यूनिवर्सिटी स्थापित की है। अंतरिक्ष विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में स्नातक से डॉक्टोरल स्तर के कोर्स संचालित करने वाली यह विश्व की पहली यूनिवर्सिटी है।
इस यूनिवर्सिटी की सबसे खास बात यह है कि बीटेक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इसरो में बतौर इंजीनियर या साइंटिस्ट काम करने का मौका दिया जाएगा, जो उसके कैरियर के लिहाज से बड़ी अपॉर्चुनिटी होगी। इसके अलावा डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई, रहने और खाने-पीने का खर्च उठाने के लिए उन्हें असिस्टेंटशिप पैकेज भी ऑफर करेगा।
आवेदन प्रक्रिया : वर्ष 2009-2010 के सत्र में 70 प्रतिशत अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बारहवीं या समकक्ष उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी इस पाठयक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं। एससी, एसटी और पीडी श्रेणी के विद्यार्थी 60 प्रतिशत अंकों के साथ आवेदन कर सकते हैं। साधारण वर्ग के आवेदकों को करीब 500 रुपये और आरक्षित एवं महिला वर्ग के अभ्यर्थियों को 250 रुपये परीक्षा फीस देनी होगी।
दाखिला प्रक्रिया : बीटेक (एरोस्पेस इंजीनियरिंग, एविऑनिक्स एंड फिजिक्स साइंस) पाठयक्रम में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आईसैट-2010 उत्तीर्ण करनी होगी। प्रवेश परीक्षा में दो प्रश्न पत्र दिए जाएंगे, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स विषयों से संबंधित वैकल्पिक आधार के प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रवेश परीक्षा की अवधि दो घंटे होगी और परीक्षा का परिणाम मई माह तक घोषित किया जाएगा। आईसैट-2010 देशभर के 30 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

 

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