घाघरा में विस्फोटक बरामद
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह, एएसपी एस.तिग्गा व सीआरपीएफ के आसिस्टेंट आर.एस. यादव के संयुक्त नेतृत्व में घाघरा के सेरका व सेरेंगदाग माइंस क्षेत्र स्थित भैसबथान गांव में की गयी छापामारी के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्रियां बरामद की गयीं। इसमें 31 सौ पीस डेटोनेटर, 45 सौ मीटर सेफ्टी वायर (9 बंडल), 187 पीस जिलेटिन स्टिक, बम बनाने की विधि से संबंधित दस्तावेज और रुपये के लेन-देन से संबंधित कागजात बरामद हुए हैं। इस संबंध में माइंस के एरिया मैनेजर उदित नारायण सिंह उर्फ फतिंगा सिंह व मुंशी एतवा उरांव को गिरफ्तार किया गया है।
गुमला के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह ने शनिवार को घाघरा थाना परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 25 फरवरी को घाघरा-बिशुनपुर थाना के सीमांत क्षेत्र में उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के दिलु के दस्ते द्वारा तीन माइंस ट्रकों को जलाया गया था। साथ ही ट्रक के खलासी राजेंद्र महतो को भी जिंदा जला दिया गया था। उस घटना के बाद पुलिस द्वारा पूरे क्षेत्र में उग्रवादियों की धर पकड़ के लिए कांबिंग आपरेशन चलाया जा रहा है। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि दिलु के दस्ते का एक सदस्य सरयू उरांव अपने गांव भैंसबथान आया हुआ है।
इस सूचना पर सरयू उरांव के घर में छापामारी की गयी। सरयू उरांव वहां से भागने में सफल रहा। उसके बगल के एतवा उरांव के घर की तलाशी ली गयी। जहां भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
श्री सिंह ने बताया कि गिरफ्तार एतवा उरांव, एरिया मैनेजर उदित नारायण सिंह उर्फ फतिंगा सिंह के कहने पर पिछले डेढ़ वर्ष से अपने यहां विस्फोटक सामग्रियां रखता आ रहा है। उसी के कहने पर वह उग्रवादी संजय यादव, सुरेश गोप, दिलु खेरवार व नकुल यादव को विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति किया करता था। इसके एवज में फतिंगा सिंह ने उसे दो बार ढाई-ढाई हजार रुपये दिये थे। श्री सिंह ने बताया कि सेरका व सेरेंगदाग माइंस लोहरदगा के उमेश अग्रवाल का है। उदित नारायण सिंह उर्फ फतिंगा वहां एरिया मैनेजर तथा एतवा उरांव मुंशी है। उन्होंने बताया कि पिछले 22 नवंबर को बिशुनपुर थाना क्षेत्र के लापु बेरीटोली में माओवादी नकुल यादव के दस्ते ने विस्फोट कर पुलिस वाहन को उड़ा दिया था। जिसमें सीआरपीएफ के दो तथा जिला पुलिस का एक जवान शहीद हो गया था। उल्लेखनीय है कि निजी माइंस मालिकों द्वारा उग्रवादियों को लेवी के साथ साथ विस्फोटक सामग्रियों की आपूर्ति कर अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया जाता है। श्री सिंह ने बताया कि उग्रवादियों के विरूध्द आपरेशन जारी रहेगा।
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Many a time the local tribals are being used by the mines owner or management on keeping explosives in their himes. The consequences of keeping such explosives does not know by local uneducated tribals. First the Govt. should educate these tribals about the law and their consequences and administrative also know the game being played by the rich and mines management.
3 March 2010 at 13:54