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स्टुडियो अपार्टमेंट की जरूरत को समझ रहा है रीयल एस्टेट उक्षेग

घर वह स्थान होता है जहां आप आराम कर सकते हैं, आनन्द मना सकते हैं, अपने तन-मन को तरोताजा कर सकते हैं और घर के माध्यम से आप धरती पर ही स्वर्ग का सुख ले सकते है। लेकिन बढ़ती कीमतों की वजह से घर के किराये आसमान छू रहे हैं। वहनीयता तो अब शब्दकोश का एक शब्द मात्र रह गया है। वास्तव में एक अदद घर का मालिक बनना तो लाखों लोगों के लिए सपना ही है।
हालांकि आजकल प्रॉपर्टी डेवलपर सस्ते घर का मंत्रजाप कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि ये तथाकथित सस्ते घर बहुत महंगे है; विशेषकर महानगरों में तो इनकी कीमतें 20 से 25 लाख रुपयों के बीच है। और यह ऐसी कीमत है जिस पर अधिकतर लोग घर खरीद पाने में सक्षम नहीं हैं। दूसरी तरफ आम धारणा के विपरीत किराये पर घर लेना भी अब मध्यम वर्ग के लिए सरल नहीं है, बढ़ते किरायों ने आम आदमी को मुश्किल में डाल दिया है।
अपार्टमेंट की बात करें तो एक ही आकार का अपार्टमेंट सबके लिए मुनासिब नहीं होता। उदाहरण के लिए पति-पत्नी के एक छोटे परिवार या बैचलर के लिए एक छोटा अपार्टमेंट ठीक रहता है क्योंकि उनके लिए एक बड़े या घर की देखभाल करना मुश्किल होता है और उसमें बहुत समय भी खर्च होता है। फिर आजकल समाज और जीवनशैली में भी काफी बदलाव हो रहे हैं। जिससे छोटे आकार के घरों की मांग बढ़ी है क्योंकि ये न केवल सस्ते होते हैं आज के उपभोक्ता की जीवनशैली के मुताबिक भी होते हैं। आधुनिक शहरी रूझानों पर दृष्टि डालें तो पता चलता है कि छोटे परिवारों और कामकाजी दम्पतियों की संख्या बढ़ रही है। इस वजह से महानगरों व उनके आसपास के इलाकों में छोटे घरों की मांग में इजाफा हो रहा है।
इसी मांग को पूरा करने के लिए स्टुडियो यानी एक बेडरूम वाले अपार्टमेंट तस्वीर में आते हैं। ये अपार्टमेंट कामकाजी दम्पतियों व अकेले रहने वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। क्योंकि ऐसे लोगों पर घरों की बढ़ती कीमतों व ज्यादा होते किरायों का बड़ा असर पड़ा है। इसके अलावा ऐसे अपार्टमेंट इन लोगों के लिए स्थायी निवेश का भी बहुत अच्छा विकल्प है। उद्योग जगत के सूत्र बताते हैं कि कुछ ग्राहक इन स्टुडियो अपार्टमेंट्स को निजी इस्तेमाल के लिए खरीदते हैं और फिर बाद में दूसरा घर ले लेने पर या दूसरे शहर में चले जाने पर वे इन अपार्टमेंट्स को किराये पर दे देते हैं। अभी स्टुडियो अपार्टमेंट का कारोबार रियल एस्टेट उद्योग का 0.05 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन जानकार बताते हैं कि जगह की कमी होने के साथ-साथ आने वाले वक्त में एक कमरे के ऐसे अपार्टमेंट की मांग काफी बढ़ेगी।
दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इसप्रकार की मांग को पूरा करने के लिए फाल्कन रियल्टी सर्विसेज प्रा.लि. स्टुडियो अपार्टमेंट का प्रोजेक्ट लेकर आयी है जो कंपनी की ग्लोबल ईको सिटी परियोजना में मौजूद गुलमोहर वुड्स का एक हिस्सा है। यह ग्लोबल ईको सिटी दिल्ली एनसीआर में राष्ट्रीय राजमार्ग-8 पर निर्माणाधीन है। ये स्टुडियो अपार्टमेंट एक कमरे के फ्लैट हैं, इनमें एक बालकनी है, मॉड्यूलर किचन है और ये पर्यावरण के अनुकूल हैं तथा इनकी कीमत मात्र 5.9 लाख है। लेकिन इसकी कम कीमतों को देखते हुए यह न समझें कि यह कोई साधारण किस्म का प्रोजेक्ट है क्योंकि ये सस्ते और पर्यावरण के अनुकूल अपार्टमेंट अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं।
जिस प्रकार फाल्कन को इस प्रोजेक्ट पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है उसे देखते हुए यह तय है कि यह प्रोजेक्ट भविष्य में होने वाले विकास का मापदण्ड साबित होगा।

 

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