ranchiexpress.com   Web       
This Rakhi send Rakhi / Gifts to your Brother / Sister in Jharkhand
Home » Politics » 9 March 2010 »

एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव नहीं : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने आज विधासभा में कहा कि एस.पी.टी. एवं सीएनटी एक्ट में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसमें बदलाव का कोई विचार नहीं है।
मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक गीताश्री उरांव ने मुख्यमंत्री के समाचार पत्रों में दिये गये बयान पर सरकार से एस.पी.टी. एवं सी.एन.टी. एक्ट में बदलाव की मंशा पर प्रश्न पूछा। गीताश्री उरांव ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से राज्य में संदेह की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। ब्रिटिश राज के दौरान आदिवासियों ने कुर्बानी दी आदिवासियों की जमीन बचाने के लिए सी.एन.टी.एक्ट लागू किया गया था। सरकार सी.एन.टी. एक्ट में ही क्यों बदलाव करना चाहती है। एस.पी.टी.एक्ट में क्यों नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एन.टी. एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव नहीं है। झारखंड जनाधिकार मंच के बंधु तिर्की द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नियुक्तियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से स्थानीय नीति बनाने का मसला विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि विगत 27 जून 08 को इस मसले पर तत्कालीन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसके बाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने स्थानीय नीति के मसले पर विभिन्न राज्यों से प्रपत्रों को मंगाने का निर्णय लिया। कुछ राज्यों से प्रपत्र आ गए, जबकि कुछ राज्यों से मंगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इस समिति को पुनर्गठित कर अग्रेतर कार्रवाई करेगी।
पारा शिक्षकों का होगा स्थायीकरण : मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार नियमावली बनाकर तीन महीने के अंदर पारा शिक्षकों का स्थायीकरण कर देगी। मुख्यमंत्री ने आज विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल की अन्नपूर्णा देवी द्वारा मुख्यमंत्री प्रश्नकाल में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य रिक्त पड़े प्राथमिक शिक्षकों के पद पर नई नियुक्तियां करने जा रही है। इसमें से 50 प्रतिशत सीट पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित रहेगी। उन्होंने बताया कि पारा शिक्षक अभी नियमित शिक्षक नहीं हैं और उन्हें सर्व शिक्षा अभियान के तहत ग्राम शिक्षा समिति द्वारा रखा जाता है। लेकिन राज्य सरकार अब इन पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के मसले को लेकर गंभीर है।
तीन माह में निर्णय : भाकपा-माले के विनोद कुमार सिंह ने पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के लिए अलग से सेवा नियमावली बनाने की मांग की। जबकि विपक्षी दल के प्रदीप यादव समेत अन्य सदस्यों ने भी इस मसले पर सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील की। जिसके बाद मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने विधानसभा सदस्यों को भरोसा दिलाया कि सरकार नियमावली बनाकर तीन महीने के अन्दर इस संबंध में निर्णय ले लेगी। कांग्रेस के सावना लकड़ा के एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को जनगणना, चुनाव और सर्वे कार्य में लगाया जाता है, लेकिन सरकार यह कोशिश कर रही है कि शिक्षकों को गैर शिक्षा कार्य में नहीं लगाया जाए।
सभी बीपीएल को वृध्दावस्था पेंशन : कांग्रेस के अनंत प्रताप देव द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले सभी परिवारों को वृध्दापेंशन, इंदिरा आवास, कन्यादान योनजा, विकलांग पेंशन, विधवा पेंशन समेत अन्य सामाजिक योजनाओं का लाभ देने के संबंध पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी बीपीएल परिवारों को वृध्दापेंशन दे रही है, जबकि इंदिरा आवास योजना में वार्षिक लक्ष्य के अनुसार लाभ दिया जा रहा है। अन्य सामाजिक योजनाओं का लाभ सभी बीपीएल परिवारों को देने के संबंध में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस संबंध में विचार करेगी।
आन्दोलनकारियों का सम्मान : आजसू के कमल किशोर भगत द्वारा मुख्यमंत्री प्रश्नकाल में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड अन्दोलनकारियों को सम्मानित करती रही है। पहली विधानसभा में ही इस आशय का निर्णय लिया गया था, जिसमें 340 मामलो में करीब 3000 आंदोलनकारियों पर से मुकदमा वापस लिया गया जबकि आंदोलनकारियों को आश्रित, मुआवजा, रोजगार और पेंशन आदि मांगों पर सरकार गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है।

Read 186 times | No Reactions | Print This News Print This News | Send to Friend Send to Friend

 

Have your say!

Add your reaction below. Be nice. Keep it clean. Stay on topic. No spam.

Your comments will be moderated. Please refrain from making any comments which contain hatred / racial / abusive language. We reserve the right to not publish / moderate your comment without specifying any reasons whatsoever.