नक्सलियों से डरते हैं गैर सरकारी संगठन और बुध्दिजीवी : गृह सचिव
केन्द्रीय गृह सचिव जीके पिल्लै ने बुध्दिजीवियों और गैर सरकारी संगठनों की आलोचना करते हुए आज कहा कि उन्होंने नक्सली हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करने के बजाय नक्सलवाद से निपटने के उद्देश्य से की गयी सरकारी कार्रवाई के लिए मौका मिलते ही सरकार पर निशाना साधा है।
श्री पिल्लै ने आज यहां एक संगोष्ठी के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसी भी गैर सरकारी संगठन ने बांकूरा में एक स्कूल टीचर का अपहरण किये जाने की निंदा नहीं की। क्या अपहरण की अनुमति है या आप उनसे डरते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार से कुछ गलत हुआ है तो वह उसे ठीक करने के उपाय करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि नक्सली बड़ी संख्या में लोगों को मारते हैं लेकिन कोई उसे जनसंहार नहीं कहता। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह है न कि नक्सली। सरकार कोई भी कार्रवाई कानून के अनुसार करती है और यदि कानून सही नहीं है तो उसे रद्द कर दिया जाना चाहिए। श्री पिल्लै ने कहा कि सरकार को कानून के तहत कार्रवाई का अधिकार है। लोगों को सुरक्षा देना सरकार का कर्तव्य है यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो दोषियों को जमानत मिल जायेगी और वे फिर से लोगों को मारेंगे।
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yeh jo kuch naksalvadi kar rahi hai eska jimedar hum sarkar ko hi manege kiyoki bharat ke log bharat me hi rahete hu bhi aantakvad phelai hui hai kiyo jubki naksalvadi kiya bharat ke nivasi nahi hai kuch to karan hai jo adivasi es trah ke aantak machae hue hai iska jimedar sirf bharat sarkar hi jo ese sahi se samje aur us per vichar kre
19 April 2010 at 07:32