ranchiexpress.com   Web       
This Rakhi send Rakhi / Gifts to your Brother / Sister in Jharkhand
Home » Miscellaneous » 10 March 2010 »

सात सांसद शेष सत्रावधि के लिये निलंबित

: राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर कल जबरदस्त हंगामे, नारेबाजी और शोरशराबे के बीच हुड़दंग और तोड़फोड़ करने वाले सात सांसदों को शेष सत्रावधि के लिये निलम्बित कर दिया गया है। सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे पुन: शुरु होते ही आठ-नौ सांसद सभापति हामिद अंसारी के आसन के पास आ गये और नारेबाजी करने लगे। निलंबित किये गये सांसद है सपा के कमाल अख्तर, नंद किशोर यादव, वीर पाल सिंह यादव और आमिर आलम खान, जनता दलयू से निष्कासित एजाज अली, राजद के सुभाष यादव और लोजपा के साबिर अली। इसी शोरगुल के बीच सभापित ने सपा के चार तथा जदयू राजद और लोजपा के एक-एक सांसद को शेष सत्रावधि के लिये निलम्बित करने का प्रस्ताव पेश किया जो ध्वनिमत से पारित हो गया। आज दो स्थगनों के बाद अपराह्न दो बजे जब कार्यवाही शुरु हुई तो सदन के बाहर की राजनीतिक गहमागहमी से उलट अंदर शांति थी और थी हंगामे की आशंकाएं। नजारा लगभग सौ दिन चले अढ़ाई कोस का था। कल ऊपरी सदन में महिला आरक्षण विधेयक रखे जाने के बाद जो हंगामी माहौल था, उससे थोड़ा सा अलग कल अपराह्न दो बजे जो सदस्य माइक उखाड़ने की जुगत या विधेयक की प्रतियां फाड़ने या वहां सभापति के आसन एवं रिपोर्टरों की मेज पर रखे पेन आदि फेंकने में जुटे थे, आज उनमें से अधिकतर निलंबन के विरोध में आसन के सामने धरने पर बैठे थे। धरने पर निलंबित सदस्यों समाजवादी पार्टी के कमाल अख्तर, नंद किशोर यादव, वीरपाल सिंह यादव एवं आमिर आलम खान, जनता दलयू से निष्कासित एजाज अली, राष्ट्रीय जनता दल के सुभाष यादव एवं लोकजनशक्ति पार्टी के साबिर अली के साथ भावनात्मक एकजुटता जातते राजद के राजनीति प्रसाद भी बैठे थे। वैसे वे कल के हंगामे में दिख रहे थे और आज निलंबन से मुक्त रहे। वाच एेंड वार्ड के अनेक कर्मी और कई मार्शल भी मुस्तैद थे, लेकिन पीठासीन उपसभापति पी.जे. कुरियन ने आसन संभालते ही सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिये स्थगित कर दी।

Read 182 times | No Reactions | Print This News Print This News | Send to Friend Send to Friend

 

Have your say!

Add your reaction below. Be nice. Keep it clean. Stay on topic. No spam.

Your comments will be moderated. Please refrain from making any comments which contain hatred / racial / abusive language. We reserve the right to not publish / moderate your comment without specifying any reasons whatsoever.