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आदिम जातियों के संरक्षण को प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री

लुप्त हो रही आदिम जातियों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। जनजातीय परब ऐसे कार्यक्रम आदिम जनजातियों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उक्त बातें झारखंड राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बैद्यनाथ राम ने नेतरहाट में आयोजित परब-2010 के उद्घाटन पर कही।
श्री राम ने कहा कि लातेहार जिला प्रशासन द्वारा परब-2010 जनजातियों के उत्थान के लिए एक अच्छा प्रयास है। साथ ही ऐसे कार्यक्रम निरंतर चलते रहना चाहिए,ताकि जनजातियों के अस्तित्व को संरक्षण मिल सके। श्री राम ने आह्वान किया परब-2010 को सफल बनाने के लिए प्रत्येक समुदाय को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।
इस अवसर पर एजीएम नाबार्ड एम.बी. अशोक ने कहा कि परब-2010 इन समुदायों के विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। उन्होंने कहा कि आदिम जनजातियों के विकास में राज्य के प्रत्येक समुदायों की भागीदारी जरूरी है।
इस अवसर पर पलामू कमिश्नर एम.एस. मीणा ने कहा कि सकारात्मक सोच से ही किसी को मंजिल मिलती है। उन्होंने लातेहार प्रशासन की परब-2010 के आयोजन के लिए तहे दिल से सराहना की।
इस मौके पर उपायुक्त राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि परब-2010 केवल लातेहार प्रशासन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य के व्यक्तियों का है। जो इन आदिम जनजातियों के विकास के बारे में सोचते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम तो माना बहाना है। इसका उद्देश्य एक साथ मिलकर आदिम जनजातियों के विकास एवं संरक्षण का कार्यरूप तैयार करना है।
इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बैद्यनाथ राम ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं कबूतर उड़ाकर परब-2010 का उद्घाटन किया। साथ ही परब-2010 के अवसर पर लगाये गये स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
इस अवसर पर मंच का संचालन दूरदर्शन की उद्घोषिका राजश्री ने किया। इस मौके पर उप विकास आयुक्त सुधांशु भूषण राम, डीआरडीए निदेशक रवीन्द्र प्रसाद सिंह, अपर समर्ाहत्ता श्रवण साय, अनुमंडल पदाधिकारी एवं जिले के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।

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