चतरा डीसी-डीडीसी के खिलाफ निगरानी जांच
झारखंड सरकार ने वित्तीय अनियमितता के एक मामले में चतरा जिले के उपायुक्त और उपविकास आयुक्त के खिलाफ निगरानी से जांच कराने का निर्णय लिया है।
विधानसभा में आज राष्ट्रीय जनता दल के जनार्दन पासवान ने शून्यकाल में इस मामले को उठाते हुए कहा कि चतरा जिले में स्वास्थ्य, नरेगा और मानव संसाधन विकास के विभिन्न योजनाओं में करीब 60 करोड़ रुपये की निकासी हुआ, लेकिन इसमें कोई भी कार्य नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस मामले में 27.30 करोड़ रुपये अग्रिम निकालकर फरार होने वाले कार्यपालक अभियंता गुमनीरवि दास, सहायक अभियंता ललन चौधरी, राजकिशोर प्रसाद और उपेंद्र सिंह के विरुध्द प्राथमिकी दर्ज हुई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से अब तक सभी फरार हैं, लेकिन इस मामले में राशि की निकासी की अनुमति देने वाले उपायुक्त और उपविकास आयुक्त पर अब तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, इसलिए इस मामले में उपायुक्त और उपविकास आयुक्त पर भी कार्रवाई होनी चाहिये। इस मामले में सरकार की ओर से त्वरित लेते हुए उपमुख्य उपविकास आयुक्त पर भी कार्रवाई होनी चाहिये। इस मामले में सरकार की ओर से त्वरित निर्णय लेते हुए उपमुख्यमंत्री रघुवर दास ने सदन को सूचित किया गया कि मामला काफी गंभीर है और इसकी जांच की जिम्मेवारी निगरानी व्यूरो से करायी जायेगी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को निगरानी व्यूरो को सुपुर्द करते हुए कहा कि दोषियों को विरुध्द कार्रवाई की जायेगी।

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