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नॉलेज मैनेजमेंट, करियर की नई डगर

क्या आप ऐसे सोसायटी की कल्पना कर सकते हैं, जहां नॉलेज यानी ज्ञान का उपयोग या इसका मैनेजमेंट सोसायटी को अधिक-से-अधिक समृध्द व प्रगतिशील बनाने में किया जाता है! हो सकता है कि यह पढ़कर आपको हैरानी हो, लेकिन नॉलेज की बढ़ती महत्ता ने इसके मैनेजमेंट की आवश्यकता को बल दिया है। यही वजह है कि आज नॉलेज मैनेजमेंट को करियर के विकल्प के रूप में अपनाया जा रहा है। इसलिए आज स्किल्ड प्रोफेशनल्स नॉलेज सोसायटी, नॉलेज इकोनॉमी और नॉलेज ऑर्गनाइजेशन आदि की स्थापना भी की जा रही है, जिसकी मदद से कंपनी को अधिक-से-अधिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
क्या है नॉलेज मैनेजमेंट?
नॉलेज की फील्ड में आई क्रांति की वजह से अब स्किल्ड प्रोफेशनल नॉलेज सोसायटी, नॉलेज इकोनॉमी और नॉलेज ऑर्गनाइजेशन स्थापित करने लगे है। इस पूरे कॉन्सेप्ट को ‘नॉलेज मैनेजमेंट’ कहा जाता है। दरअसल, नॉलेज मैनेजमेंट सोसायटी में विभिन्न फील्ड से जुड़े स्किल्ड प्रोफेशनल्स होते हैं, जो अपनी आइडियाज को शेयर करते हैं और इससे माध्यम से ऑर्गनाजेशन को कम समय में टारगेट को हासिल करने के उपाय बताते हैं।
इसे आप इस तरह भी समझ सकते हैं कि यदि आप एक किलो स्टील खरीदते हैं, तो इसमें 90 प्रतिशत तक मैटेरियल स्टील होता है, लेकिन वहीं जब आप विंडो 2000 की कॉपी खरीदते हैं, तो इसमें 95 प्रतिशत से अधिक नॉलेज होता है।
नॉलेज सोसायटी
नॉलेज सोसायटी में स्किल्ड, टेक्नोलॉजी आदि क्षेत्र के माहिर प्रोफेशनल्स होते हैं। जहां वे अपने नॉलेज को शेयर करते हैं। नॉलेज सोसायटी से जुड़े प्रोफेशनल्स इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि कैसे ऑर्गनाइजेशन को अधिक से अधिक लाभ हो सकता है। सच पूछिए, तो नॉलेज यानी ज्ञान इस सोसायटी के लिए की-फैक्टर की तरह होता है। वे नॉलेज और इन्फॉर्मेशन का उपयोग वैल्थ क्रिएट करने के साथ-साथ लाइफ की क्वालिटी को इम्प्रुव करने के लिए करते हैं।

 

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