उत्तर भारत से गुजर रहे हैं सपनों के रास्ते
ऐसे समय में जब ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था वैश्विक आर्थिक समृध्दि और विकास का आधार बनती जा रही है, तब देश की वृध्दि और उच्च शिक्षा के विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र काफी प्रयास कर रहे हैं। आज भारत में विश्वविद्यालयों और विश्वविद्यालय स्तर के संस्थानों में 20 केन्द्रीय विश्वविद्यालय, 215 राज्य विश्वविद्यालय, 100 डीम्ड विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय महत्व के 13 कालेजों के अलावा 1,800 महिलाओं सहित लगभग 17,000 कालेज शामिल है। इस बीच, उत्तर भारत उच्च शिक्षा के लिए पूरे देश में सबसे बेहतर स्थान के रूप में उभरा है।
कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और शैक्षिक उत्कृष्टता के संस्थानों की उपस्थिति के चलते यह सुनिश्चित है कि उच्च शिक्षा के लिए उत्तर भारत आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में लगातार वृध्दि होती रहेगी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा गुड़गांव, मेरठ, सोनीपत, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहर पहले से ही उच्च शिक्षा के लोकप्रिय गंतव्य के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं। रोहतक, मोहाली और हिसार भी तेजी से शैक्षिक क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं।
प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और कोर्सेज
इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन या विशेषज्ञता के किसी भी अन्य क्षेत्र की पढ़ाई के लिए उत्तर भारत में विशिष्ट कोर्सेज उपलब्ध हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षण के अपने उच्च स्तर के लिए दुनियाभर मेें जान जाते हैं। दिल्ली स्कूल आफ इकोनामिक्स, एफएमएस, आईआईटी, स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज, आईआईएमसी ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में दुनियाभर में विशिष्ट स्थान बनाया है।
‘सीएमएस एकैडमी आफ कम्युनिकेशन एंड कनवर्जेस स्टडीज के डायरेक्टर पी.एन. वासंती कहते हैं, ‘हम कनवर्जेस जर्नजिल्म और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस में दो विशिष्ट कर्स कराते हैं। ये अपेक्षाकृत नए कोर्स हैं और उनका फोकस प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया तक ही सीमित नहीं है। ये कोर्स मीडिया के अलावा कारपोरेट वर्ल्ड और सामाजिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर खोलते हैं।
विदेशी विद्यार्थी
विदेशी छात्र-छात्राओं के बीच डीयू की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है यहां विभिन्न ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सों में 2000 से ज्यादा विदेशी छात्र पढ़ाई करते हैं। इनमें से ज्यादातर चीन, नेपाल, अफगानिस्तान, श्रीलंगा, मारीशस, जर्मनी, थाईलैंड, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, कनाडा, अमेरिका और अफ्रीका जैसे देशों में है। दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षण के उच्च मानक, उचित शुल्क संरचना और अनुकूल वातावरण विदेशी छात्रों को आकर्षित करते हैं।
एजसीआर में शिक्षा की गुणवता
गुड़गांव, सोनीपत, पानीपत, नोएडा और गाजियाबाद जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहर तेजी से इंजीनियरिंग मेडिकल और होटल एजुकेशन केलिए लोकप्रिय गंतव्य के रूप में उभरे हैं। सोनीपत के एक कालेज में बी.टेक कर रहे ऋषि भागवत कहते हैं, ‘इन संस्थानों का बेहतर बुनियादी ढांचा इनकी सबसे बड़ी विशेषता है। वे दिन गए जब निजी संस्थान छोटे भवनों में संचालित होते थे। अब वे सभी आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों के साथ संपूर्ण परिसर में स्थित है।
रोजगार के बेहतर अवसर
शिक्षा की उच्च गुणवत के अलावा रोजगार के अवसरों की बेहतर उपलब्धता भी उत्तर भारत को अगली पंक्ति में खड़ा करती है। प्लेस मेंट सेल के कारण स्टूडेंट के हाथ में कैंपस छोड़ने से पहले ही जाब लेटर होता है। ‘एफएमएस’ की एक पूर्व छात्रा गरिमा शाह कहती है, ‘एसएमएस या विध संकाय में अध्ययन करने के बाद अच्छी जाब मिलनी तय होती है। वहां लगभग सौ प्रतिशत प्लेसमेंट होता है।’
नई पहल
उत्तर भारत के कई शहरों में कई नए विश्वविद्यालय और उत्कृष्ट संस्थान खुल रहे हैं। सोनीपत ं ‘राजीव गांधी एजुकेशन सिटी’ तैयार की जा रही है। उत्तर भारत का पहला महिला विश्वविद्यालय, ‘भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय’ खानपुर कलां में है। मेवात में मेडिकल कालेज रेवाड़ी जिले में सैनिक स्कूल और रोहतक में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) शुरू करने की योजना है। मेरठ पहले ही एजुकेशनल हब बन चुका है। जहां चार विश्वविद्यालय 50 इंजीनियरिंग कलेज, 27 अन्य कालेज और अनगिनत संस्थान व स्कूल हैं। मोहाली भी नया ज्ञान केन्द्र बनने की ओर अग्रसर है। वहां पांच शैक्षणक संस्थानों और एक जैव प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना की योजना है।
Print This News
|
Send to Friend


Have your say!