खूबसूरती निखारने में छिपा है खूबसूरत कॅरिअर
कॉस्मैटिक सर्जरी के बढ़ते चलन व इसके विस्तृत होते बाजार में भारत तेजी से उभर रहा है। भारत में मुंबई व गोवा तो ऐसे शहर बन चुके हैं, जहां बड़ी तादाद में भारतीय व विदेशी दोनों ही कॉस्मैटिक सर्जरी के लिए पहुंचते हैं। कॉस्मैटिक सर्जरी की प्रक्रिया के तहत लिपोसक्शन, हेयर टांस्प्लान, बोटोक्स, पेट की चर्बी घटाने जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। कॉस्मेटिक सर्जरी के इस संसार में दिल्ली तेजी से उभर रहा है। देश में कॉस्मैटिक सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या की तुलना में कुशल कॉस्मैटिक सर्जन काफी कम हैं। हममें से ज्यादातर लोग कॉस्मैटिक सर्जरी व प्लास्टिक सर्जरी के बीच के अंतर से भली-भांति परिचित नहीं होते हैं। कोई भी प्लास्टिक सर्जन कॉस्मैटिक सर्जन नहीं हो सकता। जबकि कॉस्मैटिक सर्जन प्लास्टिक सर्जरी भी कर सकता है। एक अच्छा कॉस्मैटिक सर्जन बनने के लिए विशेष टे्रनिंग की आवश्यकता होती है जो अभी तक भारत में उपलब्ध नहीं है इसलिए ज्यादातर भारतीय कॉस्मैटिक सर्जन एक्सपर्ट होने के लिए अमेरिका, लैटिन अमेरिका और यूरोपीय देशों की ओर रुख करते हैं।
भारत में कॉस्मैटिक सर्जरी का क्षेत्र काफी विस्तृत है और भविष्य में इसके और भी विकसित होने की संभावनाएं हैं। अपने लुक के प्रति के प्रति जागरूक होती देश की एक बड़ी आबादी कॉस्मैटिक सर्जरी का खूब सहारा ले रही है। जिससे इसके मरीजों की संख्या में अकल्पनीय रूप से बढ़ोत्तरी हो रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉस्मैटिक सर्जनों की संख्या बढ़ने से इस क्षेत्र में और भी जागरूकता आएगी और भारत में कॉस्मैटिक सर्जरी का स्तर भी बढ़ेगी। कॉस्मैटिक सर्जरी का क्षेत्र भारत में भली-भांति न पनप पाने के पीछे एक कारण यह भी है कि यहां के ज्यादातर कॉपोरेट हॉस्पिटल में कॉस्मैटिक सर्जरी की शाखा ही मौजूद नहीं है। इसके अलावा देश के तमाम मेडिकल संस्थानों में भी कॉस्मैटिक सर्जरी से जुड़े अध्ययन की भी उचित सुविधा नहीं है जिसके चलते इस क्षेत्र में कुशल कॉस्मैटिक सर्जन को टे्रन्ड करने व उनकी क्षमता बढ़ाने की कमी है। इन सब कारणों के चलते कॉस्मैटिक सर्जरी के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने वालों की संख्या काफी कम है। हालांकि पिछले कुछ सालों में कॉस्मैटिक सर्जरी के क्षेत्र में आए उछाल से युवाओं ने मेडिकल के इस ट्रेन्ड की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। अमेरिका में बालों की समस्या, ब्रीस्ट कॉस्मैटिक सर्जरी व शरीर शरीरिक बदलाव सम्बधी सर्जरी के अलग-अलग विभाग है। जबकि भारतीय हॉस्पिटल में यह सभी चीजें एक ही विभाग के अंतर्गत आती हैं। जिन्हें ट्रोमा, कैंसर, जन्मजात बीमारीयों से छुटकारा दिलाने वाले विभाग के अंतर्गत रखा जाता है। इन कारणों के चलते कॉस्मैटिक सर्जरी की ट्रेनिंग लेने वाले छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन बहुत जल्द ही इस ट्रेन्ड में बदलाव आने वाला है।
आय- इस क्षेत्र में युवाओं के बढ़ते रुझान का एक प्रमुख कारण इसमें होने वाली अच्छी आय भी है। इसके अलावा इमरजेंसी कॉल्स व रात में हॉस्पिटल के चक्कर लगाने से मुक्त होना भी इस क्षेत्र की प्रमुख खामिसयत है इन स्थितियों में आप परिवार के साथ ज्यादा समय दें सकते हैं। एक कॉस्मैटिक सर्जन कुछ महीनों की प्रैक्टिस के बाद एक से सवा लाख रुपये प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर सकता है। दो सालों तक काम करने के बाद यह आय लगभग दुगनी हो जाती है। इस क्षेत्र में आय की कोई सीमा नहीं है। यदि डॉक्टर प्राइवेट कर रहा है तो कमाई का निर्धारण कर पाना नामुमकिन है।
उद्योग का विकास- कॉस्मैटिक सर्जरी के इस उद्योग में जबरदस्त उछाल की संभावना व्यक्त की जा रही है। हमें यह समझने की जरूरत है कि कॉस्मैटिक सर्जरी भी अन्य हॉस्पिटल उद्योग की तरह सेवा उद्योग बन चुका है। जिसके कारण इस क्षेत्र में काफी विकास की उम्मीद लगाई जा रही है। लोगों में सौन्दर्य के प्रति बढ़ती सजगता और शरीर को सही आकार में ढालने की चाहत के चलते कॉस्मैटिक सर्जरी के क्षेत्र नए युग का प्रारम्भ हुआ है। इस क्षेत्र में तुरंत समाधान की गारंटी दी जाती है जिसके चलते मरीज इस क्षेत्र से काफी मात्रा में जुड़ रहे हैं। पिछले साल की तुलना में कॉस्मैटिक सर्जरी में रुचि लेने वाले क्लांइट की संख्या लगभग दुगनी हो चुकी है। बिना सर्जरी के शरीर व चेहरे में बदलाव लाने संबंधी उपकरणों की मांग भी दिनों-दिन बढ़ रही है। जिसमें कॉस्मैटिक सर्जरी में रुचि लेने वाले क्लाइंट की संख्या बढ़ रही है। नई तकनीक पर आधारित इन उपकरणों में वेसर, स्लिम लिपो आदि उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। इन उपकरणों के चमत्कारिक परिणाम कॉस्मैटिक सर्जरी के क्षेत्र को और भी आशावान बना रहे हैं। कॉस्मैटिक सर्जरी को बढ़ावा देने में फिल्म इंडस्ट्री का भी विशेष योगदान रहा है। अभिनेता व अभिनेत्रियां खूबसूरती पर फोकस करते हुए कॉस्मैटिक सर्जरी की राह पर चल रहे हैं। आज की तारीख में कॉस्मैटिक सर्जरी करता स्टेटस सिंबल बन चुका है। महिलाओं के अलावा पुरुष भी कॉस्मैटिक सर्जरी कराने में पीछे नहीं हैं। पुरुषों में यह चलन दिनों-दिन बढ़ रहा है। इसमें ब्रीस्ट इनलार्जमेंट, हेयर ट्रांसप्लांट, लिपोसक्शन और नोज सर्जरी जैसा प्रक्रियाएं शामिल हैं जो अब बहुत आम हो चुका है।
प्रमुख शिक्षण संस्थान-कॉस्मैटिक सर्जन बनने के लिए सबसे पहले सामान्य सर्जरी में एमएस की डिग्री होना जरूरी है जो 3 साल की होती है। इस डिग्री के बाद डॉक्टर को प्लास्टिक सर्जरी में एमसीएच या डीएनबी करना होता है जो 3 साल का कोर्स है। दिल्ली में कई संस्थान सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के रूप में प्लास्टि सर्जरी के कोर्स करा रहे हैं। इनमें एमएएमसी दिल्ली, सफदरजंग हॉस्पिटल, दिल्ली शामिल हैं। अन्य प्रमुख इंस्टीट्यूट में एसएमएस हैदराबाद, स्टैनले मेडिकल कॉलेज चेन्नई हैं। कॉस्मैटिक सर्जरी की स्पेशल ट्रेनिंग के लिए डॉक्टर को कॉस्मेटिक सर्जरी फैलोशिप हासिल करनी होती है जो ऑस्ट्रेलिया के कुछ संस्थानों, अमेरिका, स्पेन, बैल्जियम,ब्रिटेन, कनाडा, ब्राजील, मैक्सिको और बैनेजुएला जैसे देशों में कराई जाती है।


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