एक्वेरियम से बढ़ाएं घर की सुन्दरता
एक्वेरियम का मतलब सिर्फ पानी और मछलियों से नहीं हैं, बल्कि ये कलर, मूवमेंट, रिद्म और हारमनी की बहुत खूबसूरत झलक होते हैं। आजकल एक्वेरियम की ढेर सारी वैरायटीज बाजार में मौजूद हैं।
महंगे, पर लाजवाब
रंग-बिरंगी मछलियां, एक्जोटिक माहौल, अलग-अलग तरह के कोरल्स एक्वेरियम को बहुत ही खूबसूरत बनाते हैं। हालांकि ये प्रेशवॉटर टैंक से ज्यादा महंगे होते हैं और इनकी मेंटेनेंस में समय, पैसा और एनर्जी ज्यादा लगते हैं, पर जब ये घर की शोभा बनते हैं, तो बात कुछ और ही होती है। आपके लिविंग रूम की तो रंगत ही बगल जाती है।
टैंक सेट करने से पहले
टैंक सेट करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। सबसे पहले यह चेक कर लें कि टैंक पूरी तरह लीक प्रूफ है या नहीं। टैंक प्लांट्स, रॉक्स और बाकी डेकोरेटिव आइटम्स को पानी से अच्छी तरह साफ कर लें। टैंक में फिल्ट्रेशन सिस्टम अवश्य लगवाएं। प्लांट्स और कोरल्स को चेक कर लें कि वे नीचे आधार से अच्छी तरह जुड़े हए हैं। पानी में सॉल्ट लेवल मेंटेन करने के लिए हाइग्रोमीटर लगवाएं। समुद्री जीव पानी के तापमान में बदलावों को लेकर बहुत संवेदनशील होते हैं। उन्हें 24 से 27 डिग्री सेंटिग्रेड के बीच तापमान पर रखा जाता है। टैंक में यह तापमान मेंटेन करने के लिए सर्दियों में हीटर की जरूरत होती है।
मछलियां चुनने से पहले
आरम्भ में मछली की कम महंगी प्रजातियां, जैसे-डैमशैल फिश चुनें। बहुत ज्यादा एक्जोटिक वैराइटीज कुछ समय बाद ट्राई कर सकते हैं, क्योंकि इन्हें बहुत ज्यादा रखरखाव और देखभाल की जरूरत पड़ती है।
सपोर्ट एप्लायंसेज
मैरीन टैंक के लिए स्पेशल लाइटिंग की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा प्रोटीन स्किमर, जो आर्गेनिक डब्री की नाइट्रेट में बदलती है। इससे टैंक का केमिकल कम्पोजीशन सही रहता है। पॉवर हेड की भी जरूरत होती है, जिससे पता लगता है कि पानी एक कॉन्सटेंट मोशन में है।
मेंटेनेंस और रखरखाव
रखरखाव के लिए मछलियों को हर तीसरे दिन बैलेंस्ड डाइट देनी होती है। हफ्ते में एक बार टैंक से एल्गी साफ करनी होती है। महीने में एक बार पानी का 20 प्रतिशत हिस्सा डी-क्लोरिनेटेड पानी से बदलना होता है, जिससे टैंक का केमिकल लेवल बैलेंस रहे।

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