क्लाउड सेवाओं में तीन लाख नौकरियां
कंप्यूटर जगत में तेजी से पैठ बना रही क्लाउड सेवाओं से अगले पांच साल में तीन लाख नए रोजगार पैदा होने का अनुमान है और क्लाउड कंप्यूटिंग का वैश्विक बाजार 2015 तक 70 अरब डालर हो जाएगा। माइक्रोसाफ्ट इंडिया के अध्यक्ष रवि वेंकटेशन का कहना है कि इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में क्लाउड कंप्यूटिंग, कंप्यूटर जगत में क्रांतिकारी घटना साबित होने जा रही है। सर्वे में कहा गया है कि इस समय भारत में 1300 आईएसवी, 14 लाख डेवल्पर्स तथा 11000 सिस्टम इंटीगेटर क्लाउडिंग पर काम कर रहे हैं। क्लाउड सेवाएं वह सेवाएं हैं, जो साफ्टवेयर कंपनियां सीधे अपने नेट पर उपलब्ध कराती हैं और उनके उपयोग के एवज में वह निर्धारित शुल्क लेती हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग के लिहाज से माइक्रोसाफ्ट प्रमुख कंपनी है और इसके सीईओ स्टीव बामर मानते हैं कि यह प्रौद्योगिकी आईटी खर्च के बारे में कंपनियों की राय ही नहीं बदलेगी, बल्कि इससे साफ्टवेयर पायरेसी जैसी समस्याओं से निपटने में भी मदद मिलेगी। बामर ने कहा कि भारत दुनिया में अमेरिका तथा चीन के बाद शीर्ष चार पांच बाजारों में शामिल है जहां स्मार्ट फोन तथा कंप्यूटरों की ब्रिकी तेजी से बढ़ रही है। इस अवसर पर निट के अध्यक्ष राजेंद्र पवार, काग्नीजेंट के अध्यक्ष चंद्रशेखरन, सीडीसी साफ्टवेयर के सीईओ पीटर यीप तथा भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर एस.के. नंदी ने क्लाउड सेवाओं की विशेषताओं का जिक्र किया और विश्वास जताया कि यह प्रौद्योगिकी बदलावकारी साबित होगी।


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