समरेश सिंह व बच्चा सिंह आमने- सामने
धनबादः झरिया के अग्नि प्रभावित खास झरिया में बसे लोगों को हटाने और वहां खनन कार्य के लिए आउटसोर्सिंग के विरोध पर पूर्वमंत्री समरेश सिंह व पूर्वमंत्री बच्चा सिंह के बीच एक- दूसरे के खिलाफ बयानी युध्द शुरू हो गया है। पूर्वमंत्री समरेश सिंह ने पूर्वमंत्री बच्चा सिंह व उनके परिवार के निवास स्थान ‘सिंह मेंशन’ को पिछले दिनों एक संवाददाता सम्मेलन में जहां रावण की लंका कहा है वहीं पूर्वमंत्री बच्चा सिंह ने समरेश को नौटंकीबाज व बोकारो के विस्थापितों का हत्यारा बताया है। पूर्वमंत्री समरेश सिंह ने 24 जून को खास झरिया की सभा में व जोड़ापोखर में एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्वमंत्री बच्चा सिंह व उनके परिवार के खिलाफ आग उगलते हुए कहा है कि ‘सिंह मेंशन’ रावण की लंका है जिसको जलाना अब बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने पूर्वमंत्री बच्चा सिंह के अनुज धनबाद नगर निगम की मेयर इंदु देवी के पति रामाधीन सिंह को आउटसोर्सिंग कराने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा नियुक्त किये गये लोगों को लठैत और गुंडा बताते हुए कहा कि सिंह मेंशन वाले बलिया से खाली हाथ आकर गुंडागर्दी व हत्या के सहारे अरबपति बन गये हैं और अब धनबाद- झरिया में अपना सिक्का चलाना चाहते है। वह यहां के भूमिपुत्र है तथा सिंह मेंशन परिवार को ललकारते है कि वह एक जुलाई को उनके ही इलाके झरिया के चिल्ड्रेन पार्क में उनके खिलाफ सभा करेंगे। अगर दम है तो कुछ करके देंख लें। समरेश के इस फूंफकार पर उनके समर्थन में ‘सिंह मेंशन’ का विरोधी खेमा भी एकजुट हो गया है। इसमें ‘सिंह मेंशन’ की घूर विरोधी आबो देवी व कांग्रेस के कुछ नेता शामिल है।
इधर पूर्वमंत्री बच्चा सिंह ने इस संबंध में ‘रांची एक्सप्रेस’ से बातचीत करते हुए समरेश को बोकारो व धनबाद का पुराना नौटंकीबाज बताते हुए कहा है कि समरेश ड्रामे के स्टेज से राजनीतिक तक पहुंचे है और मजे की बात यह है कि दूसरे को रावण कहने वाले समरेश जात्रा में खुद रावण का रोल करते थे। यह बात पुराने लोग जानते भी हैं। उन्होंने कहा कि झरिया मेरी जागीर नहीं, जो किसी को वहां सभा करने से रोकूं। समरेश को जहां- जहां सभा करनी है करके देख लें। झरियावासी जिसके रहे हैं, उन्ही के रहेंगे। वह किसी के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज झरिया में विस्थापितों के हित में घड़ियाली आंसू बहाने वाले समरेश यह बताए की बोकारो में सैकड़ों विस्थापितों का आर्थिक रूप से गलाघोंट कर वहां इलेक्ट्रो स्टील को बसवाने वाला कौन है। इलेक्ट्रो स्टील में विस्थापितों को मैनेज करने के नाम पर अपने बेटे को चाइनिज कंपनी में सैकड़ों करोड़ रुपये का ठीका किसने दिलवाया है। बोकारो के तेलगढ़िया में उनकी कृपा से आये 2000 चाइनिज स्थानीय मजदूरों पर आए दिन जुल्म ढा रहे हैं। वह किसकी कृपा से हो रहा है? क्या बच्चा सिंह की कृपा से? उन्होंने कहा कि जब मंत्री रहे तो इंजीनियरिंग में नामांकन कराने के नाम पर लोगों से नाजायज कमाया और उनका काम भी नहीं किया। जब कुछ लोगों ने बेइज्जत करना शुरू किया तो उनके पैसे लौटा दिये।

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