बढ़ रहा है रिटायरमेंट होम का बाजार
रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति की प्राथमिकताएं और जरूरतें भी बदल जारी है। यह वह समय होता है जब व्यक्ति सुकूनभरी जिन्दगी जीना चाहता है। पाश्चात्य देशों में इस सेक्टर के लिए पहले ही बाजार तैयार हो गया। अब भारत में भी रिटायरमेंट होम का चलन शुरू हो गया है। देश के कई शहरों में रिटायरमेंट होम प्रोजेक्ट बन रहे हैं। रीयल एस्टेट की ग्लोबल कंसल्टेंट जोंस लैंश लासले मेघराज के अनुसार भारत में रिटायरमेंट होम का बाजार बढ़ रहा है। बंगलुर, कोच्चि, पुणे, चेन्नई, मुम्बई, दिल्ली एवं एनसीआर में रीयल एस्टेट कम्पनियां ऐसे प्रोजेक्ट्स ला रही है, बिक्री भी काफी अच्छी है। रिटायरमेंट होम की विशेषता है कि सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ बेहतर आधारभूत संरचना का होना। एडवांस मेडिकल सुविधा होती है। उच्च तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था होती है। ग्रीन स्पेस प्लस प्वाइंट होता है। कम्पनियां बाजार की आर्थिक और सामाजिक पॉजिशन को भी ध्यान में रखती है। टाउन एवं लोकेशन पर कीमतें निर्भर करती है। आशियाना हाउसिंग जयपुर में 11.8 लाख रुपए से और भिवाड़ी में 17.4 लाख रुपए से होम उपलब्ध करा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार रिटायरमेंट के बाद लोगों की मानसिकता बदल जाती है। उन्हें ऐसी जगह और ऐसा वातावरण चाहिए जहां समान विचारधारा वाले लोग हों। कुछ वर्ष पहले रिटायर हुए लोगों के पास सीमित विकल्प होते थे। या तो रहने की जगह खुद चुनें, या फिर परिवार द्वारा निर्धारित जगह पर रहें। अब रिटायरमेंट के बाद माली हालत भी सुधर गई है। कई के पास इतनी वित्तीय व्यवस्था रहती है कि रिटायरमेंट के बाद अपनी पसंद के अनुरूप आशियाना ले सकें।


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